कांशीराम कालोनियों में पात्रों की ओर से किराए पर आवास उठाने के मामले में जिला प्रशासन ने लाभार्थियों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद डीएम की ओर से जांच टीम गठित की गई थी। टीम ने कॉलोनी में लगभग पांच दर्जन लोगों को किराए पर रहते पाया। रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम के निर्देश पर डूडा ने सभी आवासों के लाभार्थियों को नोटिस जारी कर जबाव तलब करने की तैयारी शुरू की है। वहीं जांच टीम ने 110 आवासों को बंद पाया।
साल 2009-10 में शहर में स्थापित कांशीराम कालोनियों एसपी आवास स्थित कांशीराम कालोनी, नलकूप कालोनी, पुरानी कलेक्ट्रेट कांशीराम कालोनी व कखावतू कालोनी में पात्रता के आधार पर लाभार्थियोें को आवास आवंटित किए गए थे। शुरुआती दौर में इन कालोनियों मेें पात्रों ने अपना सामान पहुंचाकर रहना शुरू कर दिया, लेकिन बाद में चोरी चुपके आवासों को अन्य जरुरतमंदों को किराए पर उठाकर किराएदारी का मजा लूटने लगे।
जानकारी मिलने पर अमर उजाला ने पड़ताल कर 23 जून 2015 को गरीबों का रैन बसेरा, अमीरों ने कब्जाया शीर्षक से कांशीराम कालोनियों में किराएदारी पर रह रहे लोगों का खुलासा किया था। खबर छपने के बाद डीएम माला श्रीवास्तव की ओर से अवैध तरीके से किराए पर उठाए गए कालोनियों के आवासों की जांच को टीमें गठित की गई।
जिसमें ईओ नगर पालिका राधा तिवारी, बीएसए राजेश श्रीवास, डीएसओ दिलीप कुमार ने जांच के बाद चारों कालोनियों में लगभग 58 आवासों में किराएदारों को रहते पाया। वहीं जांच टीम को मौके पर 112 आवास बंद मिले। जांच रिपोर्ट के बाद डीएम ने डूडा विभाग को उक्त सभी किराएदारी पर उठे आवासों के पात्रों को नोटिस जारी कर जबाव तलब करने के निर्देश दे दिए। निर्देश मिलने के साथ ही विभागीय अधिकारियों ने सूची तैयार कर उक्त लाभार्थियों को नोटिस जारी करने की तैयारी शुरू कर दी है।
डीएम की ओर से रिपोर्ट मिलने के बाद जांच में किराएदारी पर उठे आवासों के लाभार्थियोें को नोटिस जारी कर जबाव तलब किए जाने के आदेश दिए गए हैं। इसके लिए सूची तैयार कर ली गई है। अब नोटिस की तैयारी की जा रही है।
अशोक कुमार सविता
एपीओ, डूडा