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वादा 24 घंटे का, महीनों से चक्कर लगा रहे किसान

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उरई। ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के बिजली उपभोक्ताओं को खराब ट्रांसफार्मर को बदलने के लिए परेशान न होना पड़े इसके लिए योगी सरकार ने शासनादेश जारी कर हर हाल में 24 घंटे में ट्रांसफार्मर बदलने का वादा किया था, लेकिन मौजूदा समय में सरकार का यह वादा हवाहवाई नजर आ रहा है। स्थिति यह है कि 24 घंटे तो दूर उपभोक्ताओं को ट्रांसफार्मर बदलवाने के लिए महीनों विभाग के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
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बता दें कि योगी सरकार ने सत्ता में आते ही प्रदेश में बेहतर बिजली व्यवस्था के लिए शासनादेश जारी किया था। जिसमें सभी जिले के बिजली अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि वह शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में खराब होने वाले ट्रांसफार्मरों को 24 घंटे के अंदर बदलें, जिससे की उपभोक्ताओं को ट्रांसफार्मर खराब होने पर बिजली किल्लत से न जूझना पड़े।

सरकार के निर्देश के बाद कुछ दिनों तक तो विभाग ने इस पर तत्परता दिखाते हुए 24 घंटों में ट्रांसफार्मर बदले, लेकिन धीरे-धीरे विभाग एक बार फिर पुराने ढर्रे पर लौट आया। बिजली विभाग के स्टोर की स्थिति ये है कि जरूरत के सभी ट्रांसफार्मरों की कमी है। स्टोर में सिर्फ उन ट्रांसफार्मरों की उपलब्धता है, जिनकी मांग कम है।
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आम सप्लाई से जुड़े ट्रांसफार्मरों के साथ नलकूप के ट्रांसफार्मरों की भी स्टोर में विशेष कमी है। इससे ग्रामीण, किसान व अन्य उपभोक्ताओं को खराब ट्रांसफार्मरों को बदलवाने के लिए परेशान होना पड़ रहा है। उपभोक्ता दिनेश, कुलदीप, महेश, अमित आदि का कहना है कि पिछले छह माह से स्टोर की स्थिति खराब है। स्टोर में जरूरत के एक भी ट्रांसफार्मर उपलब्ध नहीं है।

इससे अगर कोई ट्रासफार्मर खराब हो जाता है तो उन्हें उसे बदलवाने के लिए लोगों को अधिकारियों के कई चक्कर लगाते पड़ते है। किसान जयवीर सिंह का कहना है कि सरकार ने वादा किया था कि ग्रामीण क्षेत्रों में हर हाल में 24 घंटे के अंदर खराब ट्रांसफार्मर बदल दिए जाएंगे, लेकिन स्थिति यह है कि अगर गांव का ट्रांसफार्मर खराब हो जाता है तो महीनों ग्रामीणों को विभाग के दफ्तर चक्कर लगाने पड़ते हैं।

किसान संतोष कहते हैं कि विद्युत विभाग ने जहां सभी क्षमता के ट्रांसफार्मरों को जल्द से जल्द बदलने के निर्देश दिए हैं। वहीं विभाग की स्थिति ये है कि विभाग सिर्फ नलकूप के ट्रांसफार्मर ही नहीं दे पा रहा है। इससे किसानों को सिंचाई के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है।

स्टोर इंचार्ज अमित खरे का कहना है कि ट्रांसफार्मरों के लिए किसी को परेशान नहीं किया जा रहा है। जो भी ट्रांसफार्मर स्टोर में उपलब्ध है उन्हें तत्काल बदला जाता है। इसके साथ ही जिन ट्रांसफार्मरों की कमी है उनकी सूचना उच्च अधिकारियों को दे दी गई है। जल्द से जल्द कमी को पूरा कर लिया जाएगा।
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