मुक्तिधाम के भुगतान को लेकर नगर पंचायत के मनोनीत सभासदों एवं अध्यक्ष के बीच विवाद थम नहीं रहा है। नगर पंचायत अध्यक्ष शीला गुप्ता ने मनोनीत सभासदों पर 50-50 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया है। इस बाबत प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायतीपत्र सौंपा गया है। इसके साथ ही नामित सभासद एवं ठेकेदार के बीच हुई बातचीत की सीडी भी सौंपी गई है।
नगर पंचायत दिबियापुर अध्यक्ष शीला गुप्ता ने बताया कि उन्होंने जिलाधिकारी औरैया, पुलिस अधीक्षक औरैया एवं अपर जिलाधिकारी समेत ईओ दिबियापुर को एक शिकायतीपत्र सौंपा है। इन्होंने बताया कि मनोनीत सभासद श्रीकृष्ण एवं राजेंद्र प्रसाद अंबेडकर ने 27 जून को झूठा शिकायती पत्र दिया है। यह शिकायती पत्र दबाव बनाकर 50-50 हजार रुपये लेने के लिए दिया गया। इन्होंने रुपये न देने पर झूठी शिकायत में फंसवाने की धमकी दी। इस संबंध में नगर पंचायत के ठेकेदार राजू यादव एवं सभासद सुभाष यादव व नामित सभासद राजेंद्र अंबेडकर ने धमकी देते हुए कहा कि हम लोगों को रुपये नहीं दिए गए तो हर स्तर पर विरोध करेंगे। इस बातचीत को फोन पर रिकार्ड कर सीडी तैयार कराई गई है।
अध्यक्ष शीला गुप्ता ने मांग की है कि दोनों नामित सभासदों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। इस संबंध में राजेंद्र अंबेडकर का कहना है कि अध्यक्ष की तरफ से मनगढ़ंत आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्हें रुपये लेने होते तो वह शिकायत ही क्यों करते। राजेंद्र अंबेडकर एवं श्रीकृष्ण पिछड़ा ने 27 जून को एडीएम को शिकायती पत्र दिया था। इसमें कहा गया था कि नगर पंचायत अध्यक्ष शीला गुप्ता के पति एक वर्ष पूर्व नगर की जनता के सहयोग से बने मुक्तिधाम के नाम पर गुंडई के दम पर प्रस्ताव करके धन हड़पना चाहते हैं। इन्हाेंने मुक्तिधाम की जांच कराने की मांग की थी। शनिवार को हुई बोर्ड बैठक में सभासदों ने मुक्तिधाम के निर्माण कार्य का भुगतान संबंधित ठेकेदार को करने की सहमति प्रदान कर दी थी।