औरैया। भीषण गर्मी का दौर जारी रहने के चलते बिजली आपूर्ति संसाधन बौने साबित हो रहे हैं। हालत यह है कि पिछले पांच सालों में सदर डिवीजन में बढ़े हजारों उपभोक्ताओं के सापेक्ष मौजूद बिजली संसाधन नाकाफी साबित हो रहे हैं। जिससे खासकर ग्रामीणांचल में बिजली आपूर्ति बुरी तरह से प्रभावित बनी हुई है।
सदर बिजली डिवीजन में लगभग 90 हजार बिजली उपभोक्ता हैं। इन उपभोक्ताओं को कुल 13 बिजली घरों से आपूर्ति दी जाती है। खास बात यह है कि इन दिनों बढ़ी भीषण गर्मी में शहर समेत ग्रामीणांचल में मौजूद बिजली आपूर्ति के संसाधन नाकाफी साबित हो रहे हैं। जिससे बिजली की अघोषित कटौती से आम जनमानस परेशान है।
सदर डिवीजन क्षेत्र के अजीतमल बिजली केंद्र से जुड़े चपटा फीडर के गांव सौहरी गढि़या, बल्लापुर, ऊंचा, हैदरपुर, अलीपुर में बिजली आपूर्ति रात के समय अचानक से बंद हो जाती है। यही नहीं दिन के समय शहर में भी बिजली की आंखमिचौली से लोग खासे परेशान हैं। वहीं, देवरपुर फीडर की आपूर्ति बाधित होने से लोग भीषण गर्मी में हलकान हो रहे हैं। रात के समय हो रही दो से तीन घंटे की ग्रामीणांचल की कटौती और शहर में हो रही आंख मिचौली उपभोक्ताओं के लिए सिरदर्द बनती जा रही है। साथ ही आसमान से बरस रही तेज धूप की आग में ट्रांसफार्मर भी आग उगल रहे हैं। इससे बिजली केंद्रों पर उन्हें ठंडा करने के लिए आपूर्ति भी बंद करनी पड़ रही है।
सद डिवीजन के कुल उपभोक्ता-
उपभोक्ता संख्या
शहरी घरेलू 60,717
वाणिज्यिक 3968
सरकारी 867
ट्यूबवेल 3608
ग्रामीण 20,686
बोले जिम्मेदार -
शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में पहले 40 हजार उपभोक्ता थे। पिछले पांच सालों में लगभग 50 हजार उपभोक्ता बढ़े हैं। हालांकि इन उपभोक्ताओं के सापेक्ष दो बिजली केंद्र भी बनाए गए थे। अभी और बिजली केंद्र बनने हैं। साथ ही ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि की जानी है। इसके लिए रीवैंप योजना के तहत सर्वे के उपरांत काम शुरू कर दिया गया है। जल्द इस समस्या को भी दूर कर लिया जाएगा। -महेंद्र प्रसाद, एसडीओ सदर बिजली डिवीजन, औरैया।