फोटो 26 एयूआरपी 20 - गोशाला में ठंड लगने से बीमार पड़े गोवंश।
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औरैया। सदर ब्लॉक की ग्राम पंचायत जैतापुर के गांव मिर्जापुर बैरमशाह स्थित स्थायी गोशाला में शुक्रवार रात कड़ाके की ठंड में दो और गोवंशों की मौत हो गई। गुरुवार रात भी तीन गोवंशों की मौत हो गई थी। तीन मवेशी ठंड लगने से बीमार पड़े हैं। कर्मचारी ने बताया कि तीनों ने चारा, पानी छोड़ दिया है।
मिर्जापुर बैरमपुर गोशाला अव्यवस्था की शिकार है। भरसेन, भड़ारीपुर, जैतापुर, पातेपुर व कानपुर देहात के किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए अन्ना गोवंशों को गोशाला में छोड़ जाते हैं। मौजूदा समय में गोशाला में अन्ना गोवंशों की संख्या करीब 250 है। इतने गोवंशों के लिए चारे-पानी का इंतजाम करना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। इन गोवंशों के लिए सर्दी से बचाव का कोई इंतजाम नहीं है। ठंड से बचाने के नाम पर चारा खाने वाले स्थान पर प्लास्टिक का इंतजाम किया गया है। सूखा चारा खाने से मवेशी कमजोर हो रहे हैं। गुरुवार रात तीन और शुक्रवार रात एक गाय व बछड़े की ठंड से मौत होने से जिम्मेदारों में भी हड़कंप मच गया है। यहां 28 दिन में 35 गोवंशों की मौत हो चुकी है।
80 सांड़ भी बने मुसीबत
मिर्जापुर बैरमपुर गोशाला में 250 गोवंशों में करीब 80 सांड़ हैं, जो किसी भी समय हिंसक हो जाते हैं। इसके कारण गोवंश चुटहिल हो रहे हैं। गायों की मौत का एक बड़ा कारण ये भी है।
हरा चारा व दाना न मिलने से कमजोर हो रहे गोवंश
गोशाला में हरा चारा व दाने की व्यवस्था न होने से गोवंश कमजोर हो रहे हैं। जिससे उनकी प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो रही है। बजट के नाम पर अभी तक इस गोशाला को मात्र 2600 रुपये आवंटित हुए हैं।
वर्जन
गोशाला में सांड़ों को अलग रखने के लिए बजट की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए बीडीओ को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। अव्यवस्थाओं को दूर करने के लिए भी कहा गया है। - अशोक बाबू मिश्रा, सीडीओ