अयाना (औरैया)। यमुना नदी में डूबी चौथी युवती का शव भी बुधवार सुबह मिल गया। चारों युवतियों की मौत से फरिहा गांव में चूल्हे ठंडे पड़े रहे। गांव के हर एक व्यक्ति की आंख नम रही। शादी वाले घर पर मंडप सूना रहा। देर शाम चार लोग बरात लेकर गए।
फरिहा निवासी सुरेश के पुत्र दीपक की बरात बुधवार को इटावा के बौराइन निवासी चंद्रपाल के घर जानी थी। मंगलवार को सुरेश के भाई रमेश की बेटी के साथ रिश्तेदारी में आई युवतियां यमुना में नहाने के दौरान डूब गईं थीं।
सेल्फी लेते समय पैर फिसलने से रमेश की भतीजी आकांक्षा, रिश्तेदारी में आई कीर्ति, तनु व कल्पना की डूबने मौत हो गई थी। पुलिस ने देर रात गोताखोरों की मदद से शव ढूंढ निकाले। बुधवार को एक साथ चारों शव पोस्टमार्टम के लिए चिचौली अस्पताल भेजे गए। बुधवार को मंडप सूना रहा, रस्मे नहीं हुई।
बेटी ने बचाई मां की जान
यमुना में नहाने के दौरान जिस वक्त प्रियंका चारों युवतियों को बचाने का प्रयास कर रही थी। तो प्रियंका की तीन वर्ष की बेटी अचानक रोते हुए नदी की ओर बढ़ गई। उसे बढ़ता देख प्रियंका पीछे हटी और पहले बेटी को बाहर किया। इससे उसकी जान बच गई।
एनडीआरएफ के आने से पहले गोताखोरों ने निकाले शव
गोताखोर महादेव, चंदन ने साथियों के साथ तेज आंधी और पानी के बीच तीन शव तलाश लिए। बुधवार सुबह कानपुर से एनडीआरएफ टीम आई और चौथा शव भी तलाश लिया।
पति और फिर बेटी की मौत से बेसुध दिखी कांति
यमुना में डूबने से कल्पना की मौत के बाद मां कांति देवी बेसुध दिखी। कांती के पति रमेश की पिछले माह ही मौत हो गई थी। घर वाले अभी इस सदमे से उबर नहीं पाए थे, कि कल्पना की मौत ने गम दोहरा कर दिया।
एकलौती बहनें थीं आकांक्षा और तनु
सुशील कुमार ने बताया कि उसकी बेटी आकांक्षा दो भाइयों में एकलौती थी। उसकी मौत के बाद से मां नीलम का बुरा हाल है। वहीं जितेंद्र ने बताया कि उसकी बेटी तनु भी दो भाइयों में अकेली थी और इंटर की पढ़ाई कर रही थी। मां सुधा का रो-रोकर बुरा हाल है।
सांसद ने पीड़ितों को बंधाया ढांढस
चार युवतियों की मौत पर बुधवार को राज्यसभा सांसद गीता शाक्य गांव पहुंचीं। उन्होंने मृतक के परिजनों से बात करने के साथ ही सभी को ढांढस बंधाया। इसके साथ ही सरकार से मिलने वाली मदद का भरोसा दिलाया। इस मौके पर निवर्तमान ब्लाक प्रमुख सौरभ भूषण, उदय सिंह सेंगर, राजकुमार दुबे मौजूद रहे।