औरैया। गेहूं खरीद योजना में जिले में रविवार को गेहूं खरीद पूरी हो गई। वहीं, विभाग सौ फीसदी लक्ष्य अर्जित करने में नाकामयाब रहा। महज 44.44 फीसदी ही गेहूं खरीदा जा सका।
ये खरीद सरकारी क्रय केंद्रों पर 2557 किसानों से की गई। हालांकि गेहूं की खरीद में कानपुर मंडल में औरैया पहले पायदान पर रहा। वहीं प्रदेश में उसे 15वां स्थान मिला है।
औरैया जनपद को किसानों से गेहूं खरीदने के लिए शासन से 25500 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य मिला था। इसके लिए खाद्य एवं विपणन विभाग ने जिले में 61 सरकारी क्रय केंद्र खोले गए थे। इनमें खाद्य विभाग के 10, पीसीएफ के 35, पीसीयू के सात, यूपीएसएस के तीन, भारतीय खाद्य निगम के पांच व मंडी परिषद का एक क्रय केंद्र शामिल हैं। योजना में शासन स्तर से 2425 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का मूल्य समर्थन तय किया गया था।
शासन से 15 मार्च से जिले में खोले गए सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद शुरू हुई थी। शुरुआत में सरकारी क्रय केंद्रों पर बड़े काश्तकार अपना अनाज बेचने को गए, लेकिन देर से बोई गई गेहूं की फसल समय से पकी नहीं।
इस कारण छोटे काश्तकार उसे काट नहीं पाए। ऐसे में ये काश्तकार देर से सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं लेकर पहुंचे और उसे बेचा। विभागीय रिकॉर्ड के मुताबिक आठ जून तक जिले भर में 2557 किसानों से 11332.94 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था। यह खरीद लक्ष्य के सापेक्ष अब तक महज 44.44 फीसदी रहा।
योजना में लक्ष्य के सापेक्ष 44.44 फीसदी गेहूं खरीदा गया। गेहूं खरीद में औरैया जनपद को कानपुर मंडल में पहला तो प्रदेश में 15वां स्थान मिला। यह लक्ष्य 2557 किसानों से गेहूं खरीद कर अर्जित किया है।
- बृजेश कुमार यादव, जिला खाद्य विपणन अधिकारी