फव्वारे से सिंचाई कर कमाएं लाभ
- वित्तीय वर्ष में मिला 182 हेक्टेयर का लक्ष्य
अमर उजाला ब्यूरो
औरैया। बागवानी और सब्जी उत्पादन करने वाले किसान ड्रिप और स्प्रिंकलर विधि से फसलों की सिंचाई कर अधिक लाभ कमा सकते है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (ड्राप मोर क्राप) का वित्तीय वर्ष का लक्ष्य प्राप्त हो गया है। जिसमें 182 हेक्टेयर का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। किसानों को 90 फीसदी की छूट भी दी जाएगी।
भूजल स्तर को दुरुस्त बनाए रखने तथा बेहतर उत्पादन के लिए सरकार ने फव्वारे से सिंचाई योजना चला रही है। वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए ड्रिप इरीगेशन सिस्टम की स्थापना के लिए 74 हेक्टेयर पोर्टेवल स्प्रिकंलर इरीगेशन सिस्टम के लिए 95 हेक्टेयर और रेनगन स्प्रिंकलर सिस्टम की स्थापना के लिए 13 हेक्टेयर का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। किसानों को पहले इसके लिए स्वयं खर्च वहन करना होगा। परियोजना तैयार होने के बाद उद्यान विभाग के अधिकारी के निरीक्षण के बाद परियोजना संतोषजनक होने पर धनराशि सीधे किसान के खाते में भेजी जाएगी। योजना का लाभ पहले आओ पहले पाओ के आधार पर दिया जाएगा।
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स्प्रिंकलर से सिंचाई के फायदे
1- कम समय में बेहतर ढंग से फसलों की सिंचाई।
2- कम पानी से अधिक जगह में फसल की सिंचाई।
3- ट्यूबवेल से होने वाली सिंचाई से आधी लागत में फसल की सिंचाई।
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पंजीकरण कराने के लिए आवश्यक दस्तावेज
इंतखाब, आधार कार्ड, बैंक पासबुक की छाया प्रति, उद्यान विभाग में निशुल्क पंजीकरण
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स्प्रिकंलर से फसलों की सिंचाई किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस परियोजना में किसानों को 90 फीसदी की छूट भी दी जा रही है। कम लागत में किसान अच्छी पैदावार कर अपनी आय दोगुनी कर सकते हैं।
धर्मेंद्र कुमार
उद्यान निरीक्षक