अमर उजाला ब्यूरो
औरैया। कलक्ट्रेट कार्यालय में कार्यरत भूलेख लिपिक की ओर से किए गए चार राजस्व निरीक्षकों के वेतन गबन के मामले में लिपिक के परिजनों की ओर से जिला प्रशासन के अधिकारियों से बात शुरू की गई है। जिसमें गबन की धनराशि लेकर जमा करने पहुंचे परिजनों को जिला प्रशासन ने कानूनी दांव पेंच का हवाला देते हुए लेने से इंकार कर दिया है। वहीं दस दिन बाद भी गैर जमानतीय मामले में फरार चल रहा भूलेख लिपिक को खोजने को अंधेरे में तीन मारने में लगी हुई है।
पंद्रह दिन पहले औरैया, अजीतमल व बिधूना तहसील के चार राजस्व निरीक्षकों का छह लाख 24 हजार 756 रुपये गबन के मामले में गैर जमानतीय धाराओं में निरूद्ध लेखा लिपिक अमित श्रीवास्तव आज तक पुलिस की पकड़ से दूर है। इस मामले में एडीएम रामसेवक द्विवेदी ने बताया कि फरार चल रहे भूलेख लिपिक के परिजन गबन की धनराशि लेकर जमा करने के लिए आए थे लेकिन कानूनी दांव पेंच में बिना विधिक राय व नियमावली के विरूद्ध कोई भी काम किया जाना गलत है। इस वजह से उनसे गबन की धनराशि जमा नहीं कराई गई। उन्होंने कहा कि मामला बड़ा है इसमें हो रही जांच में अभी लंबा समय लग सकता है। कहा कि जानकारी आने पर सभी बातों से अवगत कराया जाएगा।
- गबन की धनराशि को जमा करने पहुंचे परिजनों को लौटाया
- कानूनी-दांव पेंच में गबन करने वाले भूलेख लिपिक के सामने आने पर ही होगा कोई निर्णय
फालोअप-