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पानी के लिए लाखों खर्च फिर भी पानी नहीं

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रामपुरा/सरावन। पेयजल योजनाओं के नाम पर अधिकारियों की करनी का फल जनता को भुगतना पड़ रहा है। कई ग्रामीण इलाकों में योजना के नाम पर लाखों करोड़ों खर्च कर पाइप लाइन बिछाई गई लेकिन वह सालों बाद भी पानी नहीं दे पा रही हैं। कारण है लाइन बिछाने का अधूरा काम। जिस कारण लाखों के खर्च पर पानी फिर रहा है। लोगों को पीने के पानी के लिए भीषण गर्मी में भटकना पड़ रहा है। कुएं सूख चुके हैं, जल स्तर गिरने से हैंडपंपों ने भी पानी का साथ छोड़ दिया है। प्रशासन भी हैंडपंपों की रिबोर की सुध नहीं ले रहा है। ऐसे में आधी अधूरी पाइप लाइनें देख ग्रामीण भी अधिकारियों को हाथ मलते हुए कोस रहे हैं।
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रामपुरा प्रतिनिधि के मुताबिक पांच साल पहले निनावली के मजरा किशनपुरा में करीब 2900 मीटर पाइप लाइन बिछाने का काम शुरू किया गया था। इस पर करीब 11 लाख की लागत आनी थी। जल संस्थान की ओर से काम शुरू भी हुआ तो ग्रामीणों को आस बंधी कि उन्हें पानी की समस्या से छुटकारा मिलेगा। कुछ माह काम चलने के बाद अचानक काम ही बंद हो गया।

आज कोई ये बताने वाला नहीं है कि आधी अधूरी पाइप लाइन का कारण क्या है। अधिकारियों का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। ग्रामीण भी अधूरी बिछी पाइप लाइन को सिर्फ देखकर ही संतोष कर रहे हैं और पानी के लिए पसीना बहा रहे हैं। सरावन प्रतिनिध के मुताबिक माधौगढ़ ब्लाक के ग्राम गोहनी में 2016-17 में पेयजल योजना के अंतर्गत नलकूप का निर्माण कराया गया था। इससे गोहनी, भंगा, गिरेंद्रपुरा, दौलतपुरा व इकहरा आदि गांवों को पेयजल की आपूर्ति करनी थी।
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यहां भी लाखों खर्च के बाद अधूरी लाइनें बिछाकर काम बंद कर दिया गया। जिससे घर तक पानी पहुंचना सपना बनकर रह गया। ग्राम प्रधान गोहनी संतोष सिंह कहना है कि तहसील दिवस में कई बार शिकायत की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। किसान हरदेव सिंह, सरनाम सिंह, राजेश, राजबाबू आदि के मुताबिक न जाने कब वो दिन आएगा जब उनके घरों में भी नल लगेंगे और उन्हें हैंडपंपों तक नहीं जाना पड़ेगा।
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रामपुरा और सरावन में योजनाओं के नाम पर बिछी आधी अधूरी पाइप लाइन
अमर उजाला ब्यूरो
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