अमर उजाला ब्यूरो
औरैया। सरकार महिलाओं को अपने पैरों पर खडा करने के लिए कई कार्यक्रम चला रही है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गांवों की गरीब महिलाएं स्वयं सहायता समूह बनाकर धन अर्जन कर सकती हैं। इसके प्रति महिलाओं को जागरूक करने के लिए तेलंगाना की एक 15 सदस्यीय टीम जिले के गांवों में रुककर बता रही हैं। इस बार शासन ने जिला के पांच ब्लाकों को प्रमुखता दी है, जिससे इस बार लक्ष्य पिछले साल की अपेक्षा तीन गुना बढ़ गया है।
जिला मिशन प्रबंधक धीरेद्रं मिश्रा ने बताया कि सरकार ने इस बार जिले के पांच ब्लाकों भाग्यनगर, सहार, अजीतमल, औरैया और अछल्दा को इंटेसिव (प्रमुखता वाले ब्लाक) घोषित किया है। पिछली बार सिर्फ जिले का एक ही ब्लाक अछल्दा को इंटेसिव घोषित किया गया था और जनपद को 465 समूहों का गठन करने का लक्ष्य प्राप्त हुआ था। लक्ष्य को शत प्रतिशत पूरा कर लिया गया। इस बार जनपद को तीन गुना अधिक 1258 समूहों का गठन का लक्ष्य मिला है, जिसमें अभी सिर्फ 143 समूहों का ही गठन हो सका है।
उन्होंने बताया कि जिले की महिलाओं को अभी स्वयं सहायता समूह के बारे में कम जानकारी होने की वजह से तेलंगाना की महिलाओं की एक 15 सदस्यीय टीम जिले के सहार ब्लाक के तीन गांवों हरवंशपुर, धुपकरी और गुलरिहा में पांच पांच महिलाओं की टीम के रूप में रुकी हैं, जो गांव की गरीब महिलाओं को समूह से होने वाले लाभ के बारे में बता रही हैं और उन्हें इससे जोड़ने के लिए प्रेरित कर रही है।
-महिलाएं को जागरूक कर रही तेलंगाना की टीम