अमर उजाला ब्यूरो
औरैया। अगर आप इलाज के लिए जिला अस्पताल जा रहे हैं तो यह खबर आपके लिए है। डॉक्टर को दिखाने के बाद दवाओं के लिए आपको इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। अब अस्पताल में मरीजों को दवाओं की कमी बताकर टाला नहीं जा सकेगा। इसके लिए लखनऊ के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अस्पताल के मॉडल के हिसाब से एक डिस्प्ले बोर्ड तैयार कराया जाएगा, जिसमें अस्पताल में उपलब्ध दवाओं के स्टाक का पूरा विवरण होगा। इससे अब मरीजों को दवाओं की कमी बताकर वापस नहीं किया जा सकेगा।
अस्पतालों में आए दिन मरीजों को दवाओं की कमी बताकर वापस करने का मामला सामने आ रहा था। जिला अस्पताल में आए दिन मरीजों को बाहर से दवाएं लेनी पड़ रही हैं। ऐसे में अब मरीजों के लिए नई व्यवस्था की जा रही है, जिसके तहत मरीजों को दवाओं की पूरी जानकारी मिल सकेगी। इसके लिए दवा एवं टीका वितरण प्रबंधन प्रणाली विकसित किया गया है, जिससे सभी अस्पतालों के ड्रग स्टोर को जोड़ा जा रहा है। इसमें दवाओं की स्थिति के साथ ही बजट का भी पूरा विवरण रहेगा।
इलेक्ट्रानिक डिस्प्ले पर दवा की सूचना मिलने से मरीज,डॅाक्टर व फार्मासिस्ट पर दबाव बना सकेंगे। डिस्प्ले का सीधा लिंक महानिदेशालय से किए जाने की बात सामने आई है। इससे कौन सी दवा कितनी संख्या में अस्पताल में उपलब्ध है,। इसकी जानकारी महानिदेशालय को होती रहेगी। कौन सी दवा का कितना स्टाक है यह भी पता चल जाएगा और अगर दवा की कमी है तो इसकी सीधी जानकारी महानिदेशालय को मिल सकेगी। और मरीजों की जरूरत के हिसाब से उधर से तुरंत दवा अस्पतालों में उपलब्ध कराई जा सकेगी।
ओपीडी में डॅाक्टर दवा कंपनियों व केमिस्टों से मोटी रकम या पैकेज पाने के लालच में मरीजों को बाहर से दवा लिख देते है, जबकि ज्यादातर दवाएं अस्पताल में मौजूद रहती है। मरीज भी संशय में रहते है कि आखिर दवा खत्म हुई है या नहीं। मजबूरी में बाहर से अपनी जेब ढीली कर मजबूरी में खरीदनी पड़ती थी। इस सुविधा के बाद उन्हें परिसर में मौजूद दवाओं की पूरी जानकारी प्राप्त होगी।
सीएमएस हीरा सिंह ने बताया कि महानिदेशालय की ओर से उनको इस संबंध में मेल आया है। सरकार द्वारा जल्द ही किसी इलेक्ट्रानिक एक्सपर्ट को भेजकर परिसर में इलेक्ट्रानिक डिस्प्ले बोर्ड लगाने की व्यवस्था की जाएगी।
-अस्पतालों में दवा स्टाक का लगेगा इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले बोर्ड