औरैया। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर कमजोर पड़ चुकी है। तीसरी लहर आने की संभावना है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। तीसरी लहर का सबसे अधिक प्रभाव बच्चों पर पड़ने का अनुमान है। बच्चों को विशेष उपचार मुहैया कराने के लिए चिचौली अस्पताल में पीकू वार्ड (पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) तैयार किया गया है। इसके लिए चिकित्सकों की एक टीम को नोएडा में प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।
मंगलवार को चिचौली स्थित सौ शैय्या युक्त जिला अस्पताल एल-टू में 30 बेड के पीकू वार्ड को अंतिम रुप दिया गया। वार्ड में तीन कमरे हैं, जिसमें 20 बेड और 10 वेंटीलेटर लगाए गए हैं। साथ ही हर बेड पर एक-एक आक्सीजन कंसंट्रेटर का भी इंतजाम किया गया है। पीकू वार्ड के संचालन के लिए तीन ट्रॉमा टेक्नीशियन और दो ओटी टेक्नीशियन की तैनाती कर दी गई है।
कोरोना की दूसरी लहर ने तेजी से लोगों को अपनी चपेट में लिया था। इसके चलते अप्रैल और मई में संक्रमितों की संख्या तीन गुनी हो गई थी। ऐसे में सरकार की ओर से लगातार पीकू वार्ड तैयार करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। ताकि तीसरी लहर में दिक्कतों का सामना न करना पड़े। स्वास्थ्य विभाग ने एल-टू वार्ड के पास ही पीकू वार्ड बनाया है।
सीएमओ डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि पीकू वार्ड तैयार कर लिया गया है। कुछ उपकरणों के मौजूद न होने के कारण कमियां बचीं हैं। जिन्हें दूर करने के प्रयास किए जा रहे है। जल्द ही उपकरण मुहैया होते ही वार्ड पूरी तरह तैयार हो जाएगा। पीकू वार्ड में स्टाफ और बढ़ाया जाएगा। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ के प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उनकी तैनाती की गई है। अगर अधिक बेड की जरूरत होगी तो तत्काल बेड की संख्या बढ़ा दी जाएगी।