फफूंद/मुरादगंज। लो-वोल्टेज और बिजली की अघोषित कटौती ने लोगों की नाक में दम कर रखा है। जिससे लोगों के रोजमर्रा के कामों के साथ व्यवसाय व कृषि के कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। लोगों के मुताबिक, गर्मियां शुरू होने से पहले जिम्मेदारों से कई बार जर्जर तारों को दुरुस्त करवाने के लिए शिकायत की गई थी। विभाग की लापरवाही के चलते भीषण गर्मी में उन्हें महज आठ से दस घंटे ही आपूर्ति मिल पा रही है।
फफूंद क्षेत्र के केशमपुर गांव में 33 केवी विद्युत उप केंद्र बना हुआ है। इसके पाता, जुआ, देवरपुर, टीकमपुर व फफूंद फीडरों से 200 गांवों और फफूंद कस्बे को बिजली आपूर्ति दी जाती है। 10 दिनों से फफूंद कस्बे समेत गांव के लोग लो-वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे हैं। लो वोल्टेज से ग्रामीण इलाकों में सिंचाई के लिए लगे नलकूप नहीं चल पा रहे हैं। जिससे किसानों की मूंग, उड़द, मूंगफली, मक्का व घुंइया की फसल सूख रही है।
फफूंद कस्बे का हाल तो बहुत ही बुरा है यहां लोगों को 90 से 100 वोल्टेज मिल रहा हैं। जिससे सबमर्सिबल और टुल्लू पंप नहीं चल रहे हैं, लोगों को पेयजल के लिए हैंडपंपों का सहारा लेना पड़ रहा है। घरों में लगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण फ्रिज, टीवी, इन्वर्टर, वाशिंग मशीन भी शो पीस बन गईं हैं। कुछ लोग अपने घरों पर पांच से 10 किलोवाट के स्टेबिलाइजर लगाकर काम चला रहे हैं। केशमपुर उपकेंद्र के अवर अभियंता ओमवीर सिंह ने बताया कि असेनी पावर हाउस से ही कम वोल्टेज मिल रहा है।
इधर, मुरादगंज क्षेत्र व उसके आसपास के गांव दलेलनगर, कोठी, कस्बा जाना, प्रेमनगर सहित 50 गांवों के लोगों को अघोषित कटौती की मार झेलनी पड़ रही है। लोगों ने बताया कि कुछ देर आपूर्ति मिलने के बाद अचानक से बिजली गुल हो जाती है। इसके बाद घंटो तक बिजली गुल रहती है। शिकायतें करने के बाद भी यही समस्या बनी हुई है। उन्हें पूरे दिन में महज आठ से 10 घंटों की आपूर्ति मिल रही है। अजीतमल उप केंद्र के अवर अभियंता ने धीरेंद्र गौतम ने बताया कि ओवरलोड के चलते लाइन में फॉल्ट हो जाने से बिजली आपूर्ति में समस्या आ रही है।
केशमपुर से दी जा रही चपटा को बिजली
चपटा उप केंद्र को केशमपुर उपकेंद्र से आपूर्ति दी जाती है। केशमपुर सब स्टेशन में आई 33 केवी लाइन पर चपटा सब स्टेशन का भी लोड रखा होने से लो वोल्टेज की समस्या अधिक बनी हुई है। लगभग चार साल से बने चपटा उप केंद्र के हैदरपुर व महाराजपुर फीडर से करीब 100 गांवों का लोड केशमपुर सब स्टेशन पर है। क्षेत्र में हो रहे फाल्ट और लो वोल्टेज का यह भी एक बड़ा कारण है। स्थानीय लोगों ने फीडर अलग अलग किए जाने की मांग की है।