उरई। प्रदेश सरकार ने अपने बजट में मदरसों के आधुनिकीकरण के लिए 440 करोड़ रुपये देने की घोषणा की है। सरकार के फैसले का स्वागत कर मदरसा संचालकों ने कहा कि इससे न सिर्फ मदरसों की तस्वीर बदलेगी, बल्कि बच्चों की संख्या भी बढ़ेगी। अलबत्ता धनराशि को सही जगह पर खर्च किया जाए। जैसे मदरसों की इमारत, शिक्षकों का वेतन, बच्चों के रहने खाने के खर्च व उपकरण आदि पर किया जाए तो बेहतर होगा।
बता दें कि जनपद में लगभग 50 मदरसे हैं, जिनमें करीब 10 हजार से अधिक बच्चे तालीम पा रहे हैं। सरकार की ओर से जारी की गई धनराशि जल्द ही अल्प संख्यक विभाग को भेज दी जाएगी, जहां से प्रत्येक मदरसों के लिए धन आवंटित किया जाएगा। मदरसा संचालक शमशुल कमर का कहना है कि सरकार का फैसला स्वागत योग्य है। मदरसों का आधुनिकीकरण भी होना चाहिए।
इससे बच्चों में भी तालीम के लिए उत्सुकता बढ़ेगी और वे बड़ी संख्या में मदरसों में प्रवेश लेंगे। मदरसा शिक्षक रज्जाक हुसैन का कहना है कि आधुनिकीकरण के अंतर्गत शिक्षकों के वेतन में भी बढ़ोतरी की जानी चाहिए। इसके अलावा मदरसों में बच्चों के रखरखाव में जो खर्च होता है, उसमें भी योगदान होना चाहिए। इससे संचालकों को भी राहत मिलेगी।
प्रदेश सरकार ने आधुनिकीकरण के लिए दिए 440 करोड़
अमर उजाला ब्यूरो