ट्रेन की चपेट में आने से महिला की मौत
- ट्रेन छूट जाने पर दिबियापुर में अपने भाई के घर जा रही थी महिला
- भर्थना में रहने वाली अपनी नातिन की शादी में शामिल होने जा रही थी मृतका
अमर उजाला ब्यूरो
दिबियापुर (औरैया)। ट्रेन छूट जाने के कारण अपने परिजनों के साथ रेलवे लाइन पार कर सोमवार को दोपहर अपने भाई के घर जा रही एक अधेड़ महिला ट्रेन की चपेट में आकर मौके पर ही मौत हो गई।
सोमवार को दोपहर एक महिला अपने परिजनों के साथ बंद हो चुकी रेलवे क्रासिंग के पास रेलवे लाइन पार कर रही थी। इसी दौरान अप रेलवे ट्रैक से गुजर रही ट्रेन को वह देख नहीं पाई और ट्रेन की चपेट में आ गई। घायल महिला की थोड़ी देर में मौके पर ही मौत हो गई। रामकृष्ण पुत्र होतीलाल निवासी बरियारेमऊ सहायल ने बताया कि उसकी मां बिटोली (62), चाचा महेश, चाची एवं उनकी बेटियों के साथ सुबह की ईएमयू पैसेंजर से भर्थना जाने के लिए रेलवे स्टेशन फफूंद आईं थीं। भर्थना के ग्राम पूरा में उसकी भांजी की शादी आगामी 9 जून को है। इसी शादी की तैयारियों के लिए सभी पूरा जा रहे थे। वह लोग टेंपों से दिबियापुर आए, तब तक ट्रेन निकल गई थी। काफी देर तक फफूंद रेलवे स्टेशन पर दूसरी ट्रेन का इंतजार करते रहे। परंतु कोई दूसरी ट्रेन न आने पर सभी लोग रेलवे क्रासिंग फफूंद के पास रहने वाले उसके मामा बाबूराम दरोगा के घर जा रहे थे। इसी दौरान उसकी मां ट्रेन की चपेट में आ गईं। जीआरपी चौकी पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम को दिया है।
रेलवे क्रासिंग के पास बने गड्ढे वाहन चालकों के लिए बने मुसीबत
फोटो 04 एयूआरपी 14-रेलवे क्रासिंग के पास उखड़ी पड़ी सड़क
फोटो 04 एयूआरपी 15- सड़क उखड़ने से हो गया गड्ढा
अमर उजाला ब्यूरो
अछल्दा (औरैया)। रेलवे क्रासिंग के पास बने गड्ढे वाहन चालकों के लिए मुसीबत बन गए हैं। कई बार तो दोपहिया वाहन चालक गिरकर भी घायल हो जाते हैं। रेलवे कर्मचारियों का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। जिससेयह मुसीबत कम नहीं हो रही है।
दिल्ली-हावड़ा रूट की अछल्दा रेलवे क्रासिंग 13 बी पर लगे पत्थर धीरे-धीरे उखड़ने लगे हैं। जिसके चलते क्रसिंग पर गड्ढे बन गए है। जब वाहन क्रासिंग पार करते है तो वाहन कभी-कभी फंस भी जाते हैं। कई बार तो दोपहिया वाहन चालक भी गिरकर चुटहिल हो जाते हैं। लगभग एक माह पूर्व रेलवे क्रासिंग की मरम्मत का काम हुआ था। जिसके बाद क्रासिंग का डामरीकरण किया गया था। लेकिन रेलवे कर्मचारियों ने इस कार्य को अधूरा ही छोड़ दिया। इस लापरवाही के चलते क्रसिंग पर बिछे पत्थर अब धीरे-धीरे उखड़ने लगे। कई बार बड़े पत्थर रेलवे ट्रैक पर भी आ जाते हैं। जिससे कोई भी हादसा हो सकता है। रेलवे क्रासिंग के आसपास डामरीकरण न होने से वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने क्रासिंग के पास डामरीकरण कराए जाने की मांग की है।