फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

200 बीघा गेहूं के गट्ठर उड़ा ले गई आंधी

Tue, 01 May 2018 10:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो औरैया
विज्ञापन
एक खेत में पीड़ित किसान रामप्रसाद को ढांढस बंधाते लोग - फोटो : amarujala
विज्ञापन

दिबियापुर। हरचंदपुर एवं आसपास के क्षेत्र में  रविवार रात आई आंधी किसानों की उम्मीदें उड़ा ले गई। आंधी से खेतों में कटे पड़े गेहूं के सैकड़ों गट्ठर उड़ गए हैं। इसमें हुए नुकसान के आकलन करने के लिए तहसील बिधूना के 10 लेखपालों की पांच टीमें लगीं हैं। नायब तहसीलदार प्रेम चंद्र पांडेय का कहना है कि बुधवार तक पूरी रिपोर्ट तैयार हो जाएगी। लेखपालों के मुताबिक तूफान से लगभग 200 बीघा गेहूं की फसल बर्बाद हुई है।

विज्ञापन


रविवार रात तेज तूफान आया था। इसमें सबसे अधिक नुकसान बिधूना क्षेत्र के हरचंदपुर समेत आसपास के कई गांवों में हुआ था। किसानों की काटकर इकट्ठा की गई गेहूं की फसल तूफान अपने साथ उड़ा ले गया था। सोमवार को फसल में हुए नुकसान को देखकर किसान परेशान हो गए थे। कुछ किसानों का कहना है कि उन्होंने कर्ज लेकर फसल तैयार की थी। अब वह कहां से लोगों का रुपया अदा करेंगे।

एक दो किसानों ने आत्महत्या तक करने का प्रयास किया था। हालांकि परिवारीजनों एवं आसपास के लोगों के समझाने पर वह मान गए थे। सोमवार शाम मुआवजे की मांग को लेकर रामगढ़ में जाम लगा दिया था। हालांकि नायब तहसीलदार प्रेमचंद्र पांडेय ने पहुंचकर किसानों को समझाकर शांत कराया और जाम खुलवा दिया था। आश्वस्त किया था कि किसानों को शासन स्तर से मदद दिलाई जाएगी।
विज्ञापन


लगातार दो दिनों से कानूनगो प्रमोद कुमार यादव, लेखपाल कृष्णकांत तिवारी, अशोक कठेरिया, लेखपाल जितेंद्र दोहरे समेत अन्य राजस्व कर्मियों की टीमें गांवों में जाकर नुकसान का आंकलन लेने में लगे हैं।  नायब तहसीलदार प्रेम चंद्र पांडेय का कहना है कि 10 लेखपालों की पांच टीमें क्षेत्र के गांवों में पीड़ित किसानों के खेतों में जाकर नुकसान का आंकलन करने में लगे हैं। लेखपालों के अनुसार अभी तक 200 बीघा से अधिक खेतों की फसल उड़ने की आशंका जताई गई है। हालांकि बुधवार शाम तक सभी राजस्व कर्मियों को रिपोर्ट देने के लिए कहा है। राजस्व कर्मियों द्वारा रिपोर्ट देने के बाद ही स्थिति पूरी तरह से साफ हो सकेगी।

सभी मजरों की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश
नायब तहसीलदार बिधूना प्रेमचंद्र पांडेय के अनुसार जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायतों में शुमार हरचंदपुर के सभी मजरों समेत रूरूकला, कल्याणपुर जागू, दखनाई, देवरांव, जलालपुर फफूंद, सरायदादू, सलेमपुर आदि में किसानों की कटी पड़ी फसल उड़ गई है। इन गांवों में राजस्व कर्मियों को खेतों के गाटा पर जाकर रिपोर्ट तैयार करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। सभी पांचों टीमें बुधवार को आकर रिपोर्ट देगीं।

लगभग साढ़े 10 लाख रुपये नुकसान का अनुमान
आंकड़ों की मानें तो एक बीघा में औसतन तीन क्विंटल गेहूं की पैदावार होती है। यदि 200 बीघा गेहूं की फसल उड़ गई तो इसका मतलब है कि 600 क्विंटल गेहूं उड़ गया। यदि गेहूं का सरकारी समर्थन मूल्य 1735 रुपए प्रति क्विंटल है तो 10 लाख 41 हजार रुपये का नुकसान हुआ। नायब तहसीलदार प्रेम चंद्र पांडेय का कहना है कि खेतों में फसल नष्ट होने पर मंडी समिति से नुकसान की क्षतिपूर्ति दिए जाने का प्रावधान है। जल्द से जल्द किसानों को शासन से मदद दिलाई जाएगी।
विज्ञापन


 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें