कंचौसी। बारिश के बाद जलभराव ने ढिकियापुर गांव में तीन परिवारों के सामने संकट खड़ा कर दिया है। पानी से घिरे तीन घरों में करीब 20 लोग तीन दिन से कैद हैं। घरों के चारों ओर करीब चार फीट पानी भरा होने से परिवार के सदस्य बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। खाने-पीने का सामान खत्म होने के कगार पर है। इसके बावजूद अब तक न तो प्रशासन ने उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और न ही राशन-पानी की व्यवस्था कराई है। पानी में बहकर आए जीव-जंतुओं और गंदगी से घरों के आसपास सड़ांध भी फैल रही है।
सहार ब्लॉक के ढिकियापुर गांव में पानी की टंकी के पास बृजेश बाथम और उनके दो भाइयों के घर बारिश के पानी से पूरी तरह घिर गए हैं। घरों के दरवाजे तक पानी पहुंच गया है। पानी बढ़ने पर घरों के अंदर भी घुस जाता है। तीन दिन से घर से बाहर न निकल पाने के कारण परिवार के लोग जरूरी सामान तक नहीं ला पा रहे हैं। पीड़ित बृजेश बाथम ने बताया कि उनके घर से मुख्य मार्ग करीब 300 मीटर दूर है। वहां तक पहुंचने के लिए रास्ता पक्का नहीं है।
रास्ता निर्माण के लिए कई बार प्रशासन से मांग की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। गांव के पानी की निकासी नाला और नहर-बंबे की ओर नहीं होने के कारण हर साल बारिश में यहां जलभराव की स्थिति बनती है। लेखपाल राज वर्मा ने बताया कि पानी में फंसे परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के इंतजाम किए जा रहे हैं।
खेतों में धान की फसल डूबी, नहीं मना त्योहार
जलनिकासी न होने से कंचौसी से ढिकियापुर तक रेलवे लाइन के दोनों ओर खेतों में खड़ी धान की फसल भी पानी में डूब गई है। किसानों को फसल खराब होने की चिंता सता रही है। बृजेश ने बताया कि तीन दिन से परिवार घर में कैद है। शुक्रवार को त्योहार होने के बावजूद पानी में फंसे होने के कारण परिवार त्योहार भी नहीं मना सका। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी ग्राम प्रधान के साथ ही प्रशासन को भी दी है।