प्राथमिक विद्यालयों में रिक्त पड़े पदों पर शिक्षामित्रों को समाहित किए जाने के शासन के निर्देश के चलते शुक्रवार को द्वितीय चरण की कांउसलिंग प्रक्रिया शुरू की गई। इस दौरान 193 शिक्षामित्रों को विद्यालय आवंटन की कार्रवाई पूरी की गई।
पिछले कई वर्षों से शिक्षामित्र के मानदेय पर कार्य कर रहे टीचरों को शासन ने राहत देते हुए स्थायी टीचर बनाने का आदेश पारित किया। इससे जिले में 789 शिक्षामित्रों को संजीवनी मिल गई। बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से प्रथम काउंसलिंग में 479 शिक्षामित्रों को विद्यालयों में तैनाती दी जा चुकी है।
शुक्रवार को द्वितीय चरण की काउंसलिंग में 193 शिक्षामित्रों को विद्यालयों का आवंटन किया गया। विद्यालय आवंटन को लेकर सुबह से ही शिक्षामित्रों की भीड़ बीएसए कार्यालय पर जुट गई। हालत यह थी कि कार्यालय के बाहर लगी सूची में अपना-अपना नाम देखने को एक-दूसरे के ऊपर चढ़ने तक की नौबत बन गई।
वहीं बीएसए कार्यालय परिसर में द्वितीय काउंसलिंग में 250 महिलाओं को विद्यालयों का आवंटन किया गया।
इस दौरान बीएसए राजेश श्रीवास, जीजीआईसी प्रधानाचार्य डा. शांति यादव, डायट प्राचार्य नरेश वर्मा के पैनल सहित जिला समन्वयक बालिका शिक्षा कप्तान सिंह यादव, बीएसएस अजीतमल मनोज कुमार लाक्षाकार, एबीएसए भाग्यनगर अरुण अवस्थी आदि लोगों ने शिक्षा मित्रों की काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी कराई।
24 विकलांगों को आवंटित हुए विद्यालय- द्वितीय चरण की शिक्षामित्रों की काउंसलिंग में 24 विकलांगों को विद्यालयों का आवंटन किया गया।
नहीं बदले जाएंगे आवंटित विद्यालय- औरैया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राजेश श्रीवास ने कहा कि शिक्षामित्रों को काउंसलिंग प्रक्रिया के तहत जिस भी ब्लाक में विद्यालय आवंटित किए गए हैं, वह अब नहीं बदले जाएंगे।
टीचर निर्देशों के तहत विद्यालय पहुंचकर अपनी आमद दर्ज कराएं। द्वितीय चरण में 193 की काउंसलिंग कराई गई है। अब तीसरे चरण में 27 जून को शेष बचे 117 शिक्षा मित्रों की काउंसलिंग कराकर विद्यालयों का आवंटन किया जाएगा।