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ड्रोन सर्वे होते ही किसानों ने की मुआवजे की आवाज बुलंद

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अमर उजाला ब्यूरो
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कंचौसी (औरैया)। पांच साल से यूएम पावर प्रोजेक्ट और किसानों के बीच की रार पटती नजर नहीं आ रही है। सालों बाद फिर प्रोजेक्ट के लिए ड्रोन सर्वे हुआ तो किसानों ने फिर मुआवजे की आवाज बुलंद कर दी। किसानों ने दिबियापुर विधायक को ज्ञापन सौंपा। विधायक ने उद्योग मंत्री सतीश महाना को ज्ञापन देकर किसानों को मुआवजा दिलाने की बात कही।

2012 में गुड़गांव की कंपनी यूएम पावर प्रोजेक्ट ने क्षेत्र में 250 मेगावाट कोल आधारित बिजली प्लांट लगाने को अधिग्रहण शुरू किया था। सदर व बिधूना तहसील के सात गांव जमौली, कंचौसी गांव, सेहुद, नौगवां, सूखमपुर, हरतौली ढिकियापुर की 450 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया। कंपनी ने पांच लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा दिया। बंजर व कृषि भूमि का एक ही मुआवजा मिलने पर किसान बिफर गए। कृषि भूमि के किसान चार गुना मुआवजे की मांग कर रहेे थे। इस पर रार शुरू हुई तो प्रोजेक्ट का निर्माण अधर में लटक गया। कई बार कंपनी के अधिकारियों ने भूमि पूजन कर निर्माण की शुरुआत की मगर किसानों ने खदेड़ दिया। अब फिर ड्रोन कैमरे से प्रोजेक्ट भूमि की निगरानी हुई तो फिर किसान उग्र होने लगे।
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इस संबंध में किसान शिवकांत दुबे, रामसेवक पाल, पूर्व प्रधान घनश्याम कुशवाहा, लल्ली गुप्ता, राम बाबू गुप्ता, राघव, महेश चंद्र, अहिवरन सिंह, सियाराम, रामप्रकाश, प्रदीप तिवारी, मदन यादव आदि ने दिबियापुर विधायक लाखन सिंह राजपूत को प्रार्थना पत्र देकर राज्य सरकार से उचित मुआवजा दिलाने की मांग की। विधायक ने उद्योग मंत्री सतीश महाना को किसानों का ज्ञापन सौंपा।
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विधायक लाखन सिंह ने बताया कि उन्होंने प्रदेश उद्योग मंत्री सतीश महाना से मिल कर यूएम पावर प्लांट से परेशान हो समस्या से अवगत कराया है। मुख्यमंत्री के माध्यम से कंपनी प्रबंधन से बात कर उचित मुआवजा दिलाने के साथ ही परियोजना चालू कराने को कहा है।
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