संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा को लेकर बनाए गए 73 परीक्षा केंद्रों पर गुरुवार को सुबह व शाम दो पालियों में शांतिपूर्ण व नकलविहीन परीक्षा संपन्न कराई गई। स्टेटिक व सेक्टर मजिस्ट्रेट से लेकर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी पूरे दिन परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करते रहे।
प्रत्येक कक्ष में लगे दो-दो कैमरों की फुटेज को देखते हुए केंद्र से नजर रखी गई। जांच-पड़ताल के बाद ही छात्र-छात्राओं को कक्ष में प्रवेश दिया गया। गुरुवार को सुबह पाली में हाईस्कूल के कुल पंजीकृत 22688 के मुकाबले 1856 तो दोपहर की पाली में इंटरमीडिएट में कुल पंजीकृत 18763 में 949 छात्र अनुपस्थित रहे। खास बात यह रही कि आठ प्रतिशत के करीब हाईस्कूल के परीक्षार्थी तो इंटरमीडिएट में पांच प्रतिशत अनुपस्थित रहे।
दोनों ही पालियों में हिंदी की परीक्षा रही। वहीं विशेष विषय के तौर पर इंटरमीडिएट में सैन्य विज्ञान परीक्षा में 15 छात्र शामिल रहे। केंद्रों के बाहर जहां पुलिस बल अलर्ट रहा। वहीं डीआईओएस से लेकर अन्य प्रशासनिक अधिकारी व पुलिस का अमला लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करता रहा। बोर्ड परीक्षा को लेकर पहले दिन अभिभावक छात्रों को लेकर पहुंचे। लेटलतीफी न हो इसे लेकर एक घंटे पहले ही छात्र पहुंच गए। जिन्हें चेकिंग के बाद परीक्षा केंद्र के अंदर जाने दिया गया।
सीसीटीवी कैमरों के जरिए कक्षों में लगातार रखी गई नजर
प्रत्येक परीक्षा केंद्र के कक्षों में दो-दो सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। ऐसे में किसी तरह की अव्यवस्था कक्ष में हो इसे लेकर प्रत्येक परीक्षा केंद्र में बनाए गए कंट्रोल रूम से नजर रखी गई। इसके साथ ही ककोर मुख्यालय से भी नजर रखी गई। केंद्र व्यवस्थापकों से लेकर कक्ष निरीक्षक मानकों के तहत परीक्षा संपन्न कराते नजर आए।
एसडीएम के पहुंचने पर छात्रा को मिल सका प्रवेश पत्र
बेला। कस्बा बेला स्थित सुखवासी लाल कौशिल्या देवी इंटर कॉलेज की इंटरमीडिएट की छात्रा रजनी देवी पुत्री सोनपाल निवासी पाल नगर को विद्यालय के प्रधानाचार्य ने फीस जमा न होने पर प्रवेश पत्र देने से इन्कार कर दिया। घटनाक्रम के अनुसार उक्त विद्यालय में छात्रा रजनी के अलावा उसके दो भाई भी अलग-अलग कक्षाओं में पढ़ते हैं। एसडीएम बिधूना हरिश्चंद्र ने बताया कि जिसमें से किसी एक की फीस जमा नहीं थी। इस बीच छात्रा रजनी जब विद्यालय प्रवेश पत्र लेने पहुंची तो प्रधानाचार्य ने फीस जमा न होने की बात कहते हुए प्रवेश पत्र देने से इन्कार कर दिया। एसडीएम ने बताया कि उन्होंने प्रधानाचार्य को समझाते हुए छात्रा का प्रवेश पत्र देने का आदेश दिया।