फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिलास्तरीय अधिकारियों की समस्या से जूझ रहा विकास विभाग

विज्ञापन
विज्ञापन
औरैया। जिले का विकास विभाग कार्यालय अधिकारियों की कमी से जूझ रहा है। इससे विकास कार्यक्रम बाधित हो रहे हैं। जो अधिकारी हैं, उन्हें तीन से चार कार्यालयों का अतिरिक्त कार्य संभालना पड़ रहा है।
विज्ञापन



सरकारी योजनाओं के ठीक से क्रियान्वित न होने के पीछे एक कारण अफसरों और कर्मचारियों की कमी भी है। विकास विभाग में कई प्रमुख जिला स्तरीय अधिकारियों के पद कई वर्षों से रिक्त पड़े हैं। विकास विभाग में दूसरे विभागों के जिलास्तरीय अधिकारियों को तीन से चार विभागों का अतिरिक्त कामकाज संभालना पड़ रहा है। एक अधिकारी का कहना है कि अपने विभाग की मॉनीटरिंग करना मुश्किल हो रहा है, ऐसे में कई विभागों का अतिरिक्त प्रभार मिलने से हालत खराब हो रही है। जिला प्रशासन और शासन की बैठकों में रिपोर्ट तैयार करने में ही पूरा समय चला जाता है। आलम यह है कि धरातल पर चल रही योजनाओं का निरीक्षण करने तक का समय नहीं निकल रहा। ऐसे में शासन के मंशा के अनुरूप काम करने में कठनाई हो रही है।


जिला निदेशक बचत का पद पिछले डेढ़ वर्ष से खाली पड़ा है। जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, अधिशाषी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, जिला विकलांग कल्याण अधिकारी, उपायुक्त मनरेगा, जिला कृषि विकास अधिकारी, जिला कृषि रक्षा अधिकारी, जिला सूचना अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला विकास अधिकारी का पद काफी समय से रिक्त पड़े हैं। इनमें पीडी जीपी गौतम को जिला विकास अधिकारी का अतिरिक्ति कामकाज संभाल रहे हैं। जबकि जिला कृषि अधिकारी आवेश कुमार जिला कृषि रक्षा अधिकारी, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, उप संभागीय कृषि अधिकारी का अतिरिक्त कामकाज संभाल रहे हैं।
विज्ञापन



उधर, पीडी जीपी गौतम ने बताया कि शासन में जिन जिलास्तरीय अधिकारियों की कमी है, उससे उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। फिलहाल जो भी व्यवस्था है, उसे शासन की मंशा के अनुरूप काम करने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
विज्ञापन


-कल्याणकारी योजनाएं और विकास कार्यक्रम प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें