उरई। माताटीला बांध से छोड़े गए पांच लाख क्यूसेक पानी की वजह से बेेतवा का जलस्तर 3 से 5 मीटर तक बढ़ गया है। इससे जहां निचले इलाकों के गांवों का संपर्क टूट गया वहीं इसका असर शहर के मुख्य नालों में भी देखने को मिला। शनिवार रात अचानक शहर के मलंगा नाले का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में पानी भर गया। इससे लोगों को परेशानी के साथ-साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा। राहत की बात यह है कि जलस्तर बढ़ने से जनहानि की कोई सूचना नहीं है। वहीं जिलाधिकारी ने भी अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए है।
बता दें कि पिछले तीन-चार दिन से जिले व आसपास के क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश से बुंदेलखंड के बांध उफना गए है। बारिश की वजह से माताटीला बांध का जलस्तर बढ़ गया। जलस्तर बढ़ने की वजह से शनिवार सुबह माताटीला बांध के 16 गेट खोल दिए गए।
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, माताटीला बांध से करीब 5 लाख क्यूसेक पानी बेतवा में छोड़ा गया है। हालांकि शहर के नालों का बेतवा से सीधा कोई जुड़ाव नहीं है, लेकिन कई निचले इलाकों व रजवाहों से बेतवा का पानी नाले में आने लगता है। शनिवार रात अचानक मुख्य नाले का जल स्तर बढ़ने लगा, लोगों को लगा कि यह बारिश की वजह से है, लेकिन रात के साथ नाले का जलस्तर भी बढ़ता चला गया।
स्थिति यह रही कि सुबह नाले का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में एक बार फिर बाढ़ जैसे हालात हो गए। उमरारखेरा, काबिलपुर, पुराना रामनगर, शांति, रामजीपुरम कालोनी, तुफैल पुरा, तिलक नगर, मछली बाजार, रामकुंड के पीछे, बाल्मीकि बस्ती आदि मोहल्लों में लोगों के घरों में पानी भर गया। जिससे उन्हें अपने मकान के नीचे के तल को खाली करना पड़ा। जलस्तर बढ़ने से नाले के किनारे बसी बस्तियों में कई कच्चे मकान धराशायी हो गए।
प्रशासन ने भी जलभराव की स्थिति को देखते हुए अलर्ट जारी कर दिया है। जलभराव के कारण एक बार फिर लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए कई लोगों ने अपने घर खाली कर दिए है। अपर जिलाधिकारी पीके सिंह ने बाढ़ आपदा प्रबंधन की टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि वह नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए रखें और किसी भी आपात स्थिति से निपटने की सभी तैयारियां पूर्ण कर लें।
- बेतवा के जल स्तर में भी उफान, कई गांवों में अलर्ट
- माताटीला बांध से छोड़ा गया 5 लाख क्यूसेक पानी
अमर उजाला ब्यूरो