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शौचालय निर्माण में धांधली पर प्रधान से रिकवरी के आदेश

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अमर उजाला ब्यूरो
औरैया। ग्राम मन्यौड़ा में ग्राम प्रधान व कोटा डीलर की मनमानी, विकास कार्यों की धनराशि का दुरुपयोग आदि पर ग्रामीणों ने ककोर मुख्यालय पर अनशन किया था। इसमें डीएम के निर्देश पर पीडी ने जांच की थी। अब डीएम के आदेश पर ग्राम प्रधान व कोटा डीलर के खिलाफ धनराशि की रिकवरी के आदेश जारी किए गए हैं।


कोटा डीलर व ग्राम प्रधान की मनमानी पर ग्रामीणों ने 15 जुलाई से ककोर मुख्यालय पर आमरण अनशन शुरू किया था, जिसमें ग्रामीणों ने डीएम जय प्रकाश सगर से गांव में शौचालय निर्माण की धनराशि व मनरेगा के तहत तालाब खुदाई में लगे मजदूरों को मजदूरी न देकर पैसा निकाले जाने की भी शिकायत की थी। डीएम ने पीडी जीपी गौतम को जांच के निर्देश दिए थे। पीडी ने जांच में ग्रामीणों की शिकायतों में सत्यता पाई। पीडी ने बताया कि ग्रामीणों ने बताया कि प्रधान का पुत्र ही गांव का कोटेदार है।
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ऐसे में दोनों मिलकर ग्रामीणों के हक को मारने में लगे हुए हैं। बताया कि जांच के दौरान पता चला कि मनरेगा के तहत तालाबों पर काम करने वाले मजदूरों को मजदूरी का भुगतान न करके प्रधान ने फर्जी तरीके से बिना काम करने वालों के खातों में पैसा हस्तांतरित करवा दिया। बताया कि प्रधान ने ग्रामीणों के आधार कार्ड लिंक न होने से फायदा उठा लिया है। बताया कि इसके अलावा गांव में 143 की जगह सिर्फ 40 शौचालय ही पूरे बने मिले। खातों से सभी की धनराशि को निकाल लिया गया। पीडी ने बताया कि डीएम को दी गई रिपोर्ट में ग्राम प्रधान से मनरेगा के तहत दूसरों के खातों में हस्तांतरित कराए रुपयों व शौचालय निर्माण के लिए भेजे गए रुपयों की रिकवरी कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम को कोटा डीलर का लाइसेंस निरस्त करने को पत्र लिखा गया है।

-निरीक्षण में पीडी को मजदूरी भुगतान न करने की मिली शिकायत
-गांव में कोटेदार की शिकायत मिलने पर डीएम को लिखा पत्र
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