औरैया। जिले में स्थापित 79 सहकारी समितियों पर पिछले साल सदस्यता अभियान चलाया गया। इस कवायद में 16000 किसानों ने सदस्यता ली है। समितियों पर बढ़े इन सदस्यों के चलते मौजूदा साल में समितियों पर खाद के कोटे में 50 फीसदी का इजाफा हो गया है।
खेतीबाड़ी में किसानों के लिए सहकारी समितियां अहम भूमिका निभाती है। सस्ते ऋण के साथ ही खाद मुहैया कराती हैं। जिले की 79 सहकारी समितियों पर सालों से 98491 सदस्य थे। पिछले साल सहकारिता विभाग की ओर से वृहद स्तर पर सदस्यता अभियान चलाया गया। जिसके बाद इन सदस्यों में 16000 का इजाफा हो गया है।
सदस्यता लेने वाले किसानों ने 200 रुपये बॉन्ड भी जमा किए हैं। जिससे समितियों पर 23 लाख की धनराशि मिली है। यह धनराशि समितियों के कायाकल्प में काफी कुछ मदद करेगी। साल 2025 में जिले की 79 समितियों पर खाद का कोटा 12000 एमटी तक सीमित था। लेकिन मौजूदा साल में यह बढ़कर 18000 एमटी हो गया है। ऐसे में प्राइवेट को आवंटित होने वाली खाद का एक बड़ा हिस्सा समितियों पर पहुंचेगा।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार सदस्यता बढ़ने से 50 फीसदी खाद का कोटा समितियों पर बढ़ा है। यही नहीं किसानों हर साल समितियों के जरिये मिलने वाले ऋण की धनराशि को भी 4.60 करोड़ बढ़ा दिया गया है। रियायती ब्याज पर मिलने वाले ऋण से किसानों को काफी कुछ मदद मिलेगी।
वहीं, सरकारी आंकड़ों के मुताबिक एक साल के अंदर समिति का ऋण अदा करने पर महज 7.70 फीसदी ब्याज ही लिया जाता है। फसल कटने के बाद अदायगी करने वाले किसानों को समितियों से काफी कुछ मदद मिलती है।
समितियों पर चलाए गए सदस्यता अभियान में 16000 किसान और बढ़ गए हैं। वहीं ऋण आवंटन की धनराशि में 4.60 करोड़ का इजाफा हुआ है। अब समितियों का लाभ पहले से ज्यादा किसानों को मिल सकेगा।
-संजीव कुमार, एआर कोऑपरेटिव