दिबियापुर (औरैया)। कौन कहता है कि आसमां में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारो...। इस कहावत को चरितार्थ कर दिखाया है दिबियापुर के नहर बाजार में रहने वाले हिमांशु ने। मुफलिसी में पले बढ़े हिमांशु ने बिना किसी कोचिंग के जेईई एडवांस में ईडब्ल्यूएस कैटेगरी में 234वीं रैंक पाई है। हिमांशु का सपना दिल्ली या रुड़की से कंप्यूटर साइंस में आईआईटी करने का है।
हिमांशु ने बताया कि उसकी जेईई एडवांस में 3053 वीं आल इंडिया रैंक है। ईडब्ल्यूएस कैटेगरी (आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य जाति श्रेणी) में 234 वीं रैंक है। हिमांशु ने शुरुआती पढ़ाई सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज से और 10वीं जवाहर नवोदय विद्यालय तैयापुर से 10सीजीपीए से पास की। हिमांशु ने इलाहाबाद जवाहर नवोदय विद्यालय से 90 फीसदी अंक के साथ 12वीं की परीक्षा 2018 में पास की। पिछले वर्ष भी घर पर ही रहकर तैयारी की। जेईई मेन्स क्वालीफाई भी कर लिया पर एडवांस में अच्छा रिजल्ट न आने के कारण दोबारा तैयारी की।
बिना कोचिंग किए हिमांशु ने इस बार जेईई मेन्स में 7000 वीं आल इंडिया रैंक व ईडब्ल्यूएस में 612वीं रैंक पाई। जबकि एडवांस में भी सफलता पा ली है। हिमांशु के पिता राजेश कुमार पोरवाल प्रतिदिन कानपुर से सामान लाकर दिबियापुर एवं क्षेत्र की दुकानों पर सप्लाई करते हैं। मां शशि गुप्ता गृहिणी हैं। एक बहन श्वेता गुप्ता की शादी हो चुकी है। छोटी बहन कानपुर से बीएससी करने के साथ कंप्टीशन की तैयारी भी कर रही है। हिमांशु का कहना है कि उनका सोशल मीडिया पर केवल फेसबुक पर अकाउंट है। पिछले दो वर्षों में तैयारी के दौरान मोबाइल को हाथ भी नहीं लगाया। छात्र की सफलता पर चेयरमैन अरविंद पोरवाल, कन्हैयालाल गुप्ता, अजय पोरवाल बाबी, डा. श्याम गुप्ता, शिक्षक उपेंद्र कुमार, हरिश्चंद्र पोरवाल ने शुभकामनाएं दी हैं।