बिधूना (औरैया)। एरवाकटरा विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत बैवाह में चकबंदी में की जा रही कथित हेराफेरी व धांधली में जांच अधिकारी के द्वारा फर्जी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को देकर उन्हें गुमराह किए जाने पर भारतीय किसान मजदूर दलित यूनियन ने आक्रोश जताया। इस मामले में आक्रोशित किसान नेताओं ने बिधूना तहसील परिसर में मंगलवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया है। इसमें उन्होंने फर्जी रिपोर्ट देने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
ग्राम पंचायत बैवाह में की जा रही चकबंदी में हेराफेरी व धांधली की पिछले दिनों किसान नेताओं की ओर से उच्चाधिकारियों को शिकायत दर्ज कराकर इसकी पारदर्शितापूर्ण जांच कराए जाने की मांग की गई थी। इस संबंध में बिधूना तहसील परिसर में आयोजित आमरण अनशन स्थल पर मौजूद भारतीय किसान मजदूर यूनियन के राष्ट्रीय संयोजक रामनरेश यादव ने उक्त मामले की अधिकारियों की ओर से की गई जांच व उसके उपरांत उच्चाधिकारियों को सौंपी गई रिपोर्ट पर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसान नेता ने कहा कि उक्त जांच रिपोर्ट में पूरी तरह से घालमेल है। जिसमें दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। इस मौके पर किसान नेता ने चेतावनी देते हुए कहा जब तक चकबंदी निरस्त कर पुन: चकबंदी नहीं कराई जाती और फर्जीवाड़े के दोषी अधिकारियों को निलंबित नहीं किया जाता, तब तक आमरण अनशन जारी रहेगा।
इस मौके पर यूनियन के राष्ट्रीय संयोजक के नेतृत्व में यूनियन के पदाधिकारियों ने एक सात सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम रमापति व तहसीलदार प्रेमनरायन प्रजापति को सौंपा। यूनियन द्वारा राष्ट्रीय संयोजक रामनरेश यादव, जिलाध्यक्ष शिव वीर सिंह, जिला उपाध्यक्ष यतेंद्र कुमार, तहसील अध्यक्ष रनवीर सिंह, गिरिजेश कुमार, राकेश कुमार, महिपाल सिंह, नेमवती देवी, गोविंद कुमार शुक्ला आदि के हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन में आरोप लगाया है कि बैवाह क्षेत्र में की जा रही चकबंदी में चकबंदी अधिकारियों, कर्मचारियों द्वारा भारी पैमाने पर हेरा फेरी के साथ धांधली की गई है। कहा गया कि जांच के नाम पर आनंद अग्रवाल द्वारा भौतिक सत्यापन किए बिना घर बैठे फर्जी बयानों के आधार पर मनगढ़ंत जांच कर ली गई है। जबकि जिम्मेदार दोषी कर्मचारियों व अधिकारियों को बचाने का प्रयास किया गया है। यूनियन के पदाधिकारियों ने डीएम अभिषेक सिंह से तत्काल प्रभाव से चकबंदी स्थगित कर नए सिरे से चकबंदी शुरू कराए जाने की मांग की है। साथ ही दोषी लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के साथ जांच अधिकारी के विरुद्ध भी कार्रवाई की मांग की है। यूनियन के राष्ट्रीय संयोजक रामनरेश यादव ने कहा कि जांच अधिकारी द्वारा जिला अध्यक्ष शिववीर सिंह के फर्जी बयान और ग्राम प्रधान सहदेव सिंह यादव के फर्जी बयान लेकर मनगढंत तरीके से जांच को निस्तारित कर उच्च अधिकारियों को गुमराह करने का प्रयास किया गया है। पहले दिन जिला अध्यक्ष शिववीर सिंह, तहसील अध्यक्ष रनवीर सिंह आमरण अनशन पर बैठे। जबकि उनके सहयोग में भारी संख्या में यूनियन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। एसडीएम रमापति ने कहा कि ज्ञापन डीएम को भेज कर यथा संभव कार्यवाही के लिए अनुरोध किया जायेगा।