औरैया। लोकसभा चुनाव के परिणाम के इंतजार की घड़ियां आज समाप्त हो जाएंगी। जिले की राजनीति के जानकारों के अनुसार, इटावा संसदीय सीट के लिए चुनाव भाजपा और गठबंधन के बीच सिमट कर रह गया है। इनकी मानें तो कई प्रत्याशियों को अपनी जमानत बचाना भी मुश्किल होगा। 29 अप्रैल को जिले में 59.42 फीसदी मतदान हुआ था।
इस चुनाव में जिले की तीनों विधान सभा क्षेत्रों में 592162 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। औरैया और दिबियापुर के मतदाताओं ने इटावा लोकसभा सीट और बिधूना विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं ने कन्नौज लोकसभा सीट के लिए मतदान किया। जिले में तीनों विधानसभा में कुल 996570 मतदाता हैं। सबसे अधिक इटावा को लेकर चर्चा देखने को मिली। इस सीट से भारतीय जनता पार्टी से सांसद डॉ. रामशंकर कठेरिया, गठबंधन (सपा-बसपा) से कमलेश कठेरिया, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी से शंभू दयाल दोहरे, कांग्रेस पार्टी से स्थानीय सांसद अशोक दोहरे समेत कुल 13 प्रत्याशी मैदान में हैं। मतदान से पहले चुनाव पूरी तरह चतुष्कोणीय देखने को मिल रहा था। लेकिन मतदान के बाद चुनाव पूरी तरह बदला और भाजपा व गठबंधन प्रत्याशी के बीच आ फंसा।
मतदान के दिन तीनों विधानसभाओं में जो रुझान था उसमें भाजपा और गठबंधन प्रत्याशी के बीच हर जगह खींचतान नजर आई। इस स्थिति से उसी दिन स्पष्ट हो गया था कि मुकाबला आमने-सामने का होकर रह गया है। कांग्रेस जैसी बड़ी पार्टी भी पूरी तरह चुनावी परिदृश्य से गायब हो चुकी है। हालांकि इस बार पिछली बार की अपेक्षा अधिक मत मिलने की उम्मीद है। जिसमें कुल 59.42 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस प्रकार कुल 592162 ने अपने मत का प्रयोग किया और 404408 ने मताधिकार का प्रयोग नहीं किया। बता दें कि दिबियापुर विधानसभा क्षेत्र में 313046, औरैया विधानसभा क्षेत्र में 325586 और बिधूना विधानसभा क्षेत्र में 357938 मतदाता हैं। चार लाख मतदाता भाजपा और गठबंधन प्रत्याशी के बीच ही सिमटे नजर आ रहे हैं। स्थिति ये है कि बाकी 10 प्रत्याशी को अपनी जमानत तक बचाना मुश्किल नजर आ रहा है।