औरैया। जिले से 13 सरकारी डॉक्टर कई सालों से ड्यूटी से नदारत हैं। कई बार पत्र लिखने के बाद भी जब डॉक्टर सीएमओ के सामने उपस्थित नहीं हुए तो उन्होंने पुलिस की मदद ली। एलआईयू की जांच हुई तो पता चला दो डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस कर रहे हैं। सरकारी सेवाएं न देने और निजी अस्पतालों में सेवा देने पर सीएमओ ने दोनों की बर्खास्तगी के लिए शासन को पत्र लिखा है।
जिले के सरकारी अस्पतालों में वैसे ही डॉक्टरों की कमी है। सीएमओ के अधीन 105 पद डॉक्टरों के हैं, इसमें से 39 पद खाली चल रहे हैं। इन्हीं में से 13 डॉक्टर ऐसे हैं जो बिना सूचना के विभाग से गैरहाजिर चल रहे हैं। डॉक्टरों की कमी का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ता है। इधर विभाग भी लगातार डॉक्टरों की कमी का ढिंढोरा पीट रहा है। इसी वजह से कई अस्पतालों का संचालन नहीं हो पा रहा है। जो डॉक्टर अवकाश पर गए थे, वह आज तक नहीं लौटे। विभाग लगातार उनसे जवाब मांग रहा है। थक हार कर सीएमओ ने लापता चल रहे डॉक्टरों की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए पुलिस की मदद ली।
सीएमओ ने एसपी को पत्र लिखकर लापता चल रहे डॉक्टरों के बारे में स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) से जांच कराने का अनुरोध किया था। सीएमओ के पत्र पर पुलिस विभाग ने जांच कराई तो पता चला कि सहार स्वास्थ्य केंद्र में तैनात वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. महेश कुमार यादव निवासी रघवापुर थाना रामपुर कारखाना जिला देवरिया सात सितंबर 2021 से गैरहाजिर है।
एसपी देवरिया ने जो रिपोर्ट भिजवाई है, उसमें बताया गया कि डॉ. महेश यादव प्रतीक मेडिकल हेल्थ केयर सेंटर, देवरिया में बैठकर प्रैक्टिस कर रहे हैं।
इसी तरह एक मार्च 2019 से गैरहाजिर गूरा स्वास्थ्य केंद्र बिधूना में तैनात डॉ. सौरभ गुप्ता निवासी इंदिरा नगर तिर्वा, कन्नौज की जांच हुई। जांच रिपोर्ट में एसपी कन्नौज ने रिपोर्ट भेजी कि डॉ. सौरभ गुप्ता अपने आवास पर बने अस्पताल में प्रैक्टिस कर रहे हैं। दोनों डॉक्टरों की एलआईयू रिपोर्ट आने के बाद सीएमओ ने सेवा समाप्ति की संस्तुति करते हुए शासन को रिपोर्ट भेजी है।
डॉ. अर्चना श्रीवास्तव, सीएमओ ने कहा कि विभाग में पहले से ही डॉक्टरों की कमी है। इसके बाद भी कुछ डॉक्टर अवकाश व कुछ एमएस करने के लिए छुट्टी लेकर गए थे। सालों बीत जाने के बाद वे वापस नहीं लौटे। ऐसे 13 डॉक्टरों के खिलाफ विभाग सख्त हुआ है। एलआईयू जांच के आधार पर दो डॉक्टरों की सेवा समाप्ति करने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।