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फोटो-19एयूआरपी20-भागवत कथा कहते आचार्य
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भगवान छप्पन भोग नहीं भाव के भूखे
बिधूना(औरैया)। रामलीला मैदान में चल रही श्रीबांके बिहारी सेवा समिति की ओर से श्रीमद् भागवत एव रामकथा में पहले दिन सोमवार को आचार्य व्यास रासविहारी दास जू महाराज ने भगवान व भक्त के बारे में वर्णन किया। कहा कि भगवान सिर्फ भाव के भूखे हैं। उन्हे छप्पन भोग नहीं भाव चाहिए, क्योंकि जो खुद सबको खिलाता है उन्हें दूसरे क्या खिलाएगा।
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आचार्य व्यास श्री रामसखाजू महाराज ने कथा महोत्सव के पहलेे दिन सुर और संगीत के बीच श्रोताओं को भक्ति रस में डुबोने का सफ ल प्रयास किया। कहा कि भगवान को कभी कोई खिला नही सकता क्यों कि जो सारी दुनियां के पालन हार हो उसे कौन खिला सकेगा। जैसे दासी पुत्र विदुर के घर में जाकर भगवान ने केले के छिलके प्रसन्नता पूर्वक खाए और दुर्योधन के छप्पन प्रकार के व्यंजनों को छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति गोविंद की शरण में निस्वार्थ भाव के साथ जाता है वह भगवान का सर्वाधिक प्रिय होता है। उन्होंने ने कहा कि भगवान के बिना मनुष्य का जीवन पशु के समान है और सुखमय जीवन के लिए भगवान की आराधना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जहां ज्ञान और नीति दोनों प्रकट हो जाए वहां प्रभू प्रकट हो जाते हैं। ब्यूरो
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