औरैया। राजस्व विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए आवास बनाने में लापरवाही पर चाबुक चलने के बाद कई और बातें सामने आई हैं। अलग-अलग 42 आवासों के निर्माण के लिए 12 महीने का समय निर्धारित था, जो कि 21 महीने बाद भी पूरा नहीं किया जा सका।
यही नहीं कई बार के मुआयना और नोटिस के बावजूद गंभीरता नहीं दिखाई गई। नतीजे में फर्म को अगले एक साल के लिए डिबार कर दिया गया है।
इटावा से अलग होकर 27 साल पहले जिला बने औरैया में अब भी सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए आवासों की किल्लत है। बड़ी संख्या में अधिकारी व कर्मचारी किराये के आवास में रहते हैं।
इसी को ध्यान में रखकर सदर तहसील के अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए भी आवास निर्माण शुरू हुआ है।
इसके लिए इटावा के गाड़ीपुरा की फर्म मैसर्स कमला देवी कांट्रेक्टर के नाम टेंडर जारी हुआ था। 10 मार्च 2023 को जारी टेंडर के तहत सभी आवास को अगले एक साल में नौ मार्च 2024 तक पूरा करना था।
पीडब्ल्यूडी की ओर से की गई कार्रवाई में बताया गया है कि संबंधित फर्म ने निर्धारित समय के बाद भी काम पूरा नहीं किया। आखिर में सभी काम को हर हाल में 31 अक्तूबर तक पूरा करने के लिए कहा गया। समयसीमा बीतने के बाद नोटिस का जवाब देकर पक्ष जरूर रखा, लेकिन अधिकारियों ने तर्क को सही नहीं माना और अब 10 दिसंबर को फर्म को काली सूची में डालने की कार्रवाई कर दी गई।