कंचौसी (औरैया)। जिले का ड्रीम प्रोजेक्ट प्लास्टिक सिटी के सामने की दो किलोमीटर की सड़क चमाचम हो चुकी है। साल में दो बार पैच भराई और ट्रैफिक लाइन बनाकर सड़क को लकदक किया गया है, जबकि इसी मार्ग पर स्थित यूपीएसआईडीसी द्वारा करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट प्लास्टिक सिटी की चहारदीवारी, पानी की टंकी, पुलिस चौकी सभी कुछ खस्ताहाल पड़ा है। लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री के बजट में इस प्लास्टिक सिटी को शुरू करने की योजना पर कोई पहल नहीं की है। इससे औरैया के लोगों को मायूसी हाथ लगी है।
प्लास्टिक सिटी के प्रोजेक्ट में शामिल जमीन पर मुआवजा न मिलने पर एक तिहाई हिस्से में किसान अब भी फसल बो रहे हैं। किसानों का कहना है कि जब तक उन्हें मुआवजा नहीं मिल जाता है, तब तक वे जमीन नहीं छोड़ेंगे। इसके अलावा प्लास्टिक सिटी प्लांट पर अन्ना पशुओं का भी कब्जा है। किसानों ने खेतों से खदेड़कर यहां अन्ना पशुओं को बंद कर दिया है।
प्रदेश सरकार के बजट से प्लास्टिक सिटी के हिस्से में कुछ नहीं आया है। लोगों का कहना है कि प्लास्टिक सिटी और यूएम पावर प्लांट के शुरू होने से काफी हद तक बेरोजगारों को रोजगार मिल जाता और औरैया का नाम भी देश में फैल जाता। किसानों, व्यापारियों, और आम जनता ने दिबियापुर और औरैया विधायक से प्लास्टिक सिटी के प्रोजेक्ट को चालू कराने की मांग की है।
-बजट में भी चर्चा नहीं, सपना बनकर रह गया ड्रीम प्रोजेक्ट
अमर उजाला ब्यूरो