उरई। ईसा मसीह के जन्मदिन क्रिसमस डे शहर के विभिन्न विद्यालयों में प्रार्थना, बाइबिल पाठ के साथ केक काटकर मनाया गया। डिवाइन मर्सी स्कूल में ईसा मसीह के जन्म के लिए कांस की भव्य गौशाला बनाकर झांकी सजाई गई। क्रिसमस पर वक्ताओं ने कहा कि प्रभु यीशु ने दुनिया में शांति, प्यार आपसी भाईचारा व सौहार्द का संदेश दिया था।
ईसा मसीह के जन्मदिन पर सोमवार को शहर के डिवाइन मर्सी, बीसीएच मिशन, सीक्रेट हार्ड स्कूलों में प्रार्थना सभा हुई। बाइबिल पाठ, यीशु का स्तुति गान कर रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। यीशु के जन्म पर केक काटा गया। बीसीएच मिशन स्कूल की किरन मसीह ने कहा कि ईसा का मूल संदेश प्रेम का संदेश था।
ईसा मसीह का जन्म पवित्र आत्मा के द्वारा परमेश्वर की कृपा से हुआ था। दूसरों के पाप अपने सिर पर लेकर उन पापियों के पापों को क्षमा कराया ताकि लोगों में प्रेम का संदेश फैले। विद्यालय के अध्यक्ष आईटी मसीह ने कहा कि सबको ईसा मसीह के बताए रास्ते पर चलना चाहिए।
प्रबंधिका ने बच्चों को कपड़े और गिफ्ट भेंट किए। वहीं डिवाइन मर्सी में चर्च में प्रार्थना सभा हुई व केक काटा गया। कांस की गौशाला बनाकर भव्य सजावट की गई। बाइबिल का पाठ हुआ। फादर कपिल ने कहा कि जन्म का सही अर्थ आत्मा को शुद्ध रखना है।
यदि हमारे अंदर प्रेम नहीं है तो हम अभी प्रभु से काफी दूर हैं। इस दौरान फादर एन डेविड, संजय हावर्ड, टीजा डेविड, नीलम, मोहिनी, सिस्टर निर्मला, रोज मारिया, मदर ग्रीन लिन, सुमा, सपना, बलराम तिवारी, कदीर, मैराज सिद्दीकी, दीपा वर्मा, कामिनी गुप्ता, रक्षा चतुर्वेदी, मेविल मसीह, मकबूल चंदेल, विनीता जोसेफ, डेंजान एंथनी, संध्या भदौरिया, दिशा त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
रंगारंग कार्यक्रम व केक काटकर मनाई खुशी
अमर उजाला ब्यूरो