अमर उजाला ब्यूरो
औरैया।
कोहरे का सीजन आते ही आपको बसों में पीली लाइट दिखने लगती थी। फिर चाहे कोहरा खत्म ही क्यों न हो जाए यह लाइट जलती रहती थी। मगर अब परिवहन निगम ऐसी बल्ब का इस्तेमाल करने जा रहा है, जो कोहरे को पहचान लेंगी और सफेद की बजाय पीली रोशनी फेंकना शुरू कर देंगी। इसके लिए डिपो की आधा दर्जन बसों में यह ऑलवेदर लाइटें लगाई जा चुकी हैं।
कोहरे के समय बसों की सामान्य हेडलाइट काम नहीं आती है। कोहरे के दौरान हादसे के खतरे को टालने के लिए हर साल परिवहन निगम बड़े पैमाने पर अलग से फॉग लाइट का इस्तेमाल करता था जोकि काफी खर्चीला सौदा था। हर साल परिवहन निगम के लाखों रुपये इस पर खर्च होते थे। यह देखते हुए परिवहन निगम ने अब ऑलवेदर बल्ब का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। निगम अफसरों के यह बल्ब उसी होल्डर में लग जाएंगे, जहां पर सामान्य बल्ब लगाए जाते हैं। डिपो के कर्मचारी बताते हैं कि नमी का अहसास पाते ही यह बल्ब पीली रोशनी देने लगेगी। इसकी कीमत भी बहुत ज्यादा नहीं है। सामान्य बल्ब जहां सौ रुपये में आता है। वहीं इसकी कीमत महज 125 रुपये ही है। कोहरे का सीजन समाप्त होते ही इन बल्बों को सुरक्षित निकालकर रख लिया जाएगा। फिर इन्हें अगले साल इस्तेमाल किया जाएगा।
डिपो में 80 बसे हैं। जिसमें 65 सड़कों पर चल रही हैं। इसी सप्ताह सभी बसों में यह लाइटें लग जाएंगी। ऑलवेदर बल्ब के आ जाने से विभाग को काफी लाभ होगा और फॉग लाइट के लिए अलग से पूरे ढांचे की जरूरत खत्म हो गई है।- हरिश्चंद्र वर्मा, एआरएम।