औरैया। चिचौली में 100 शैया जिला अस्पताल तो बना दिया, लेकिन मरीजों के इलाज के लिए डॉक्टरों की नियुक्ति अभी तक नहीं की गई है। ऐसे में यहां इलाज कराने सोच समझकर ही आएं।
आलम यह है कि जिला अस्पताल में डॉक्टरों के 52 पद स्वीकृत हैं, मगर इनमें से 43 खाली हैं। यानी नौ डॉक्टरों के भरोसे जिला अस्पताल चल रहा है। अब ये डॉक्टर ओपीडी में मरीजों को देखें या फिर वार्ड में भर्ती मरीजों का इलाज करें। ओपीडी में हर दिन तकरीबन 300 मरीज इलाज के लिए आते हैं।
मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा के चिचौली में 100 शैया युक्त जिला अस्पताल बनाया गया है। कहने तो यह जिला अस्पताल है, मगर यहां पर्याप्त डॉक्टरों की तैनाती नहीं है। यही कारण है कि गंभीर मरीजों को या तो सैफई रेफर कर दिया जाता है या फिर कानपुर।
डॉक्टरों की कमी से न सिर्फ मरीज, बल्कि खुद जिम्मेदार भी परेशान हैं। उन्हें यह नहीं समझ में आता कि मरीजों का इलाज कैसे करें। जब ओपीडी और अस्पताल में मरीजों की भीड़ बढ़ जाती है तो सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। (संवाद)
सप्ताह के शुरुआती दिनों सोमवार, मंगलवार और बुधवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की भीड़ अधिक रहती है। यहां नियुक्त नौ डॉक्टर ही ओपीडी करते हैं। इन्हीं में से कुछ डॉक्टर इमरजेंसी वार्ड भी देखते हैं। एक या दो डॉक्टर रात की ड्यूटी भी करते हैं, जिनका सुबह आना संभव नहीं हो पाता है। सीएमएस डॉ. कुलदीप यादव भी भीड़ होने पर मरीजों को देखते हैं। इमरजेंसी में मरीज आने पर उनका इलाज भी करते हैं। इमरजेंसी वार्ड में तीन ईएमओ के पद स्वीकृत हैं, जो खाली पड़े हैं। यही हाल महिला विभाग की इमरजेंसी का भी है। यहां पर तीन में से दो ईएमओ के पद रिक्त हैं।
अस्पताल ये पद खाड़ी पड़े हैं
जिला अस्पताल में अधीक्षक/परामर्शदाता, दो फिजीशियन, एक स्किन/ एसटीडी, एक निश्चेतक, दो जनरल सर्जन, एक ऑर्थोपेडिक सर्जन, एक ईएनटी सर्जन, तीन ईएमओ, चिकित्साधिकारी (कॉर्डियोलॉजिस्ट) व चिकित्साधिकारी (पैथोलॉजिस्ट) के पद रिक्त हैं। महिला विभाग में चिकित्सा अधीक्षक, स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, दो ईएमओ, दो निश्चेतक (एनेस्थीस्ट), चिकित्साधिकारी (कॉर्डियोलॉजिस्ट), चिकित्साधिकारी (पैथोलॉजिस्ट) व दो वरिष्ठ स्त्री रोग परामर्शदाता के पद खाली हैं। महिला एवं बाल चिकित्सालय में चिकित्सा अधीक्षक, तीन स्त्री रोग विशेषज्ञ, तीन बाल रोग विशेषज्ञ, तीन निश्चेतक, छह ईएमओ, चिकित्साधिकारी (कॉर्डियोलॉजिस्ट) व चिकित्साधिकारी (पैथोलॉजिस्ट) के पद रिक्त हैं।
100 शैया युक्त जिला अस्पताल में 52 डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में 43 खाली हैं। नौ डॉक्टर ही अस्पताल में आने वाले मरीजों का इलाज कर रहे हैं। आला अफसरों को पत्र लिखकर रिक्त पदों पर डॉक्टरों की नियुक्ति की मांग की है। जून तक कुछ डॉक्टरों के आने की उम्मीद है।- डॉ. कुलदीप यादव, सीएमएस।