औरैया। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की ओर स्वास्थ्य विभाग ने एक कदम और बढ़ाया है। जिले के 100 शैया अस्पताल के मेडिकल कॉलेज में समायोजित किए जाने के बाद नए 100 शैया अस्पताल बनाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए विभाग ने पहले 50 शैया अस्पताल को उच्चीकृत करने की योजना बनाई थी। यहां पर जगह की कमी होने के कारण अब जिला मुख्यालय व शहर के आसपास नई जमीन की तलाश की जा रही है। औरैया शहर में दो जिला स्तरीय अस्पताल संचालित हो रहे हैं। इसमें एक चिचौली में 100 शैया अस्पताल व दूसरा शहर के बीचोंबीच 50 शैया अस्पताल शामिल हैं। दोनों ही अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। इधर, मेडिकल कॉलेज निर्माण के बाद चिचौली स्थिति 100 शैया अस्पताल को मेडिकल कॉलेज से संबद्ध कर दिया गया। अब जिला स्तरीय अस्पताल में शहर का 50 शैया अस्पताल ही बचा है। शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने लोगों की सुविधाओं को देखते हुए पहले 50 शैया अस्पताल को उच्चीकृत कर 100 शैया में तब्दील किए जाने का प्रस्ताव भेजा था। इसके लिए विभाग की ओर से 50 शैया का सर्वे भी कराया गया। मगर तकनीकी टीम द्वारा भेजी गई रिपोर्ट के बाद स्वास्थ्य निदेशालय से जगह पर्याप्त न होना बताया है। साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि 100 शैया अस्पताल बनाने के लिए शहर व उसके आस पास दूसरी जगह देखी जाए। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अधिकारियों के साथ जगह की तलाश शुरू की है।
बेहतर सेवाओं के लिए बनेगी क्रिटिकल केयर यूनिट
100 शैया अस्पताल के साथ ही जिले में एक क्रिटिकल केयर यूनिट भी बनाई जानी है। इससे हादसों में गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर इलाज के लिए इधर-उधर दौड़ न लगानी पड़े। पहले भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा इसके लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है। अब शासन ने क्रिटिकल केयर यूुनिट के लिए नई जगह की तलाश करने के आदेश दिए है। हाल ही में अधिकारियों ने चिचौली के पास जगह देखी है। मगर सीएमओ ने शहर के आस पास जगह की तलाश किए जाने की बात कही है।
वर्जन
100 शैया अस्पताल व क्रिटिकल केयर यूनिट के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। चिचौली के आस पास कुछ जगह देखी गई है। मगर यह शहर से दूर है। मेडिकल कॉलेज चिचौली में संचालित होगा। इस लिए इसके आस पास 100 शैया अस्पताल बनना बेमकसद साबित होगा। कोशिश की जा रही है कि क्रिटिकल केयर यूनिट और 100 शैया अस्पताल के लिए शहर के आस पास जगह देखी जाए। 50 शैया को उच्चीकृत किया जाना था। मगर यहां के लिए जगह पर्याप्त न होना बताया गया है। - डॉ. अर्चना श्रीवास्तव, सीएमओ