अजीतमल तहसील क्षेत्र के गांव चपटा में बन रहा 33/11 केवीए बिजली केंद्र आखिरकार 10 साल बाद तैयार हो गया। रविवार को केंद्र से बिजली आपूर्ति शुरू हो गई। इस केंद्र से जुड़े दर्जनों गांवों के उपभोक्ताओं को अब लो वोल्टेज और अघोषित कटौती की समस्या से निजात मिल सकेगी। वहीं किसानों को भी सिंचाई के दौरान पर्याप्त आपूर्ति मिल सकेगी।
चपटा गांव में 33/11 केवीए बिजली केंद्र की 10 साल पहले आधार शिला रखी गई थी। इससे आसपास क्षेत्र के लोगों के चेहरों पर खुशी थी। उन्हें साल भर में बिजली आपूर्ति मिलने की उम्मीद थी। विगत सालों में बिजली केंद्र के लटके निर्माण कार्य से लोगों ने बिजली मिलने की उम्मीद छोड़ दी थी। लेकिन इस मामले को अमर उजाला ने प्रकाशित कर क्षेत्रीय उपभोक्ताओं की पीड़ा बयां की थी। खबर प्रकाशन के बाद हरकत में आए अधिकारियों ने निर्माण कार्य का काम सुलझता न देख विभागीय स्तर से ही इसका निर्माण पूरा कराए जाने का निर्णय लिया।
इसके चलते शनिवार को चपटा बिजली केंद्र की मशीनों ने काम करना शुरू कर दिया। एसडीओ नीरज गर्ग की देखरेख में तैयार हुए इस बिजली केंद्र ने चार्ज होने के साथ ही रविवार से उपभोक्ताओं को आपूर्ति देना शुरू कर दिया। इस केंद्र के चालू हो जाने से क्षेत्रीय उपभोक्ताओं के चेहरों पर एक बार फिर से खुशी की लहर दिखाई देने लगी है। वहीं लो वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे किसानों को भी अब ट्यूबवेल से फसलाें की सिंचाई में कोई समस्या नहीं होगी।
इन गांवों के उपभोक्ताओं को मिली राहत
हैदरपुर, रंमपुरा, ततारपुर, महाराजपुर, अलीपुर, जलूपुर, सेंगनपुट्टा, सलैया, बखरिया, उद्यमपुर, तिलकपुर, ऊंचा, लक्ष्मनपुर, पड़रिया, फतेहपुर, नवलपुर ब्यौरा, निगड़ा, मिर्जापुर, ऐमापैगंबरपुर, बिरूहूनी, सुरजनपुर, बेलाझार, रामनगर, हीरापुर, चंदनापुर दयालसिंह, किशनपुर, पुर्वा तालाब, पुर्वा डौरी सहित ढाई दर्जन गांवों की समस्या दूर होगी।
पिछले दो दिनाें से चपटा बिजली केंद्र की लाइन तैयार कराई जा रही थी। शनिवार से केंद्र पर आपूर्ति पहुंचने के बाद रविवार से उपभोक्ताओं को आपूर्ति शुरू करा दी गई है।
केबी गुप्ता, अधीक्षण अभियंता