औरैया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम मनराज सिंह ने बिधूना कोतवाली क्षेत्र में छह साल पहले एक नाबालिग को ले जाने व दुष्कर्म के दोषी को 10 साल के कारावास की सजा सुनाई है।
साथी 40 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। इस काम में उसका सहयोग करने वाले भाई सुनील व पिता कैलाश को भी सात-सात साल कैद की सजा सुनाई।
अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे डीजीसी अभिषेक मिश्रा विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो जितेंद्र सिंह तोमर व मृदुल मिश्रा ने बताया कि कोतवाली बिधूना में वादी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। चार जुलाई 2016 की शाम उसकी नाबालिग पुत्री घर से लापता हो गई थी।
खोजबीन में पता चला कि बेटी को बीनू उसका भाई सुनील व उनके पिता कैलाश निवासी गांव बड़े का पुर्वा पोस्ट असजना कोतवाली बिधूना बोलेरो जीप से रामगढ़ की ओर ले गए। तीनों आरोपियों के खिलाफ नाबालिग को ले जाने, दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट का मामला दर्ज हुआ।
पुलिस ने तीनों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत की। यह मुकदमा विशेष न्यायाधीश पॉक्सो मनराज सिंह के समक्ष चला। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो जितेंद्र सिंह तोमर ने नाबालिग लड़की से इस कृत्य के लिए कठोर दंड देने की बहस की।
वहीं बचाव पक्ष ने पीड़िता की ओर से आरोपियों के पक्ष में बयान देने के आधार पर उन्हें निर्दोष बताया। दोनों पक्षकारों को सुनने के बाद एडीजे मनराज सिंह ने बीनू को 10 साल व भाई, पिता को सात-सात साल की सजा सुनाई। पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगताना पड़ेगा। तीनों सजा पाए पिता व दोनों पुत्रों को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया।