औरैया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम मनराज सिंह ने अछल्दा थाना क्षेत्र में 11 साल पहले एक नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म के दोषी को 10 साल के कठोर कारावास की सजा से दंडित किया है। इस दौरान कोर्ट ने दोषी पर 50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
गांव छोटी बरौना मऊ दरवाजा फर्रुखाबाद निवासी अनिल कुमार 25 दिसंबर 2013 को अछल्दा क्षेत्र निवासी हाईस्कूल की 15 वर्षीय छात्रा को बहला-फुसलाकर ले गया था। वह कृष्ण नगर बालाजी मंदिर के पास दिल्ली में रहता है। जहां पर उसकी पीड़िता से जान पहचान हुई थी। पीड़िता के पिता की तहरीर पर अछल्दा थाना में यह मामला पंजीकृत किया गया था। जिसमें पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र कोर्ट में प्रस्तुत किया। यह मुकदमा विशेष न्यायाधीश पॉक्सो मनराज सिंह द्वारा शुक्रवार को निर्णीत हुआ।
दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश मनराज सिंह ने दोषी अनिल कुमार को कुल 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा से दंडित किया। साथ ही उस पर 50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगया। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को एक साल का अतिरिक्त कारावास भोगना पड़ेगा। दोषी को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया।
दोहरे हत्याकांड के अंतिम विवेचक की गवाही शुरू
- कमलेश पाठक आदि की वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेशी हुई
औरैया। शहर के बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायालय एमपी, एमएलए कोर्ट में शुक्रवार को हत्याकांड की विवेचना करने वाले पुलिस इंस्पेक्टर अनिल कुमार विंद की गवाही हुई। गवाही अभी जारी है तथा सुनवाई की तिथि 30 जुलाई तय की गई। इस मामले में जेल काट रहे पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक, उनके भाई संतोष पाठक व रामू पाठक सहित सभी आरोपियों की पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग के द्वारा हुई। केवल एक आरोपी की व्यक्तिगत उपस्थित रही। अभियोजन की ओ से पैरवी कर रहे एडीजीसी चंद्रभूषण तिवारी व हृदयनारायण पांडेय, अंकुर अवस्थी ने बताया कि हत्याकांड के तीसरे व अंतिम विवेचक की गवाही चल रही है। पिछली तिथि को गैंगस्टर के विवेचक की गवाही पूरी हुई थी। गौरतलब है कि 15 मार्च 2020 को शहर के नरायनपुर मोहल्ला स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर परिसर में हुई गोलीबारी में अधिवक्ता मंजुल चौबे व उसकी चचेरी बहन सुधा की जान चली गई थी।