इस अपराध पर कठोर दंड देने की बहस की। दोनों पक्षकारों को सुनने के बाद एडीजे मनराज सिंह ने आजम को नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म का दोषी माना। तथा उसे कुल 10 साल के कठोर कारावास व 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर एक साल अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। कोर्ट ने प्रस्तुत मामले की जमा कराई गयी अर्थदंड की धनराशि में से आधी धनराशि पीड़िता को अदा करने का भी आदेश दिया।