ग्रामीण अंचलों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को शहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वह गांव में ही तैयारी कर सकेंगे। इसके अलावा ग्रामीणों को भी गांव में ही दुनिया की जानकारी हासिल होगी। युवाओं को अब सभी सुविधाएं गांवों में तैयार होने वाली लाइब्रेरी मिलेंगी। दरअसल गांव-गांव लाइब्रेरी तैयार हो रही हैं। जिनमें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पुस्तकें और दुनियावी जानकारी के लिए अखबार मुहैया कराए जाएंगे।
ग्रामीण अंचल में प्रतिभा की कमी नहीं है। जरूरत है तो उसे निखारने और अवसर प्रदान करने की। कई बार देखने में आया है कि संसाधन और सुविधा के अभाव में वह प्रतिभा दब कर रह जाती है। मगर अब ऐसा नहीं होगा। ग्रामीण अंचलों में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को गांव में ही सुविधाएं मुहैया होंगी। जिसके बाद उनको शहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके लिए गांवों में लाइब्रेरी खोली जाएंगी। जिनमें सभी तरह की प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें होंगी।
इसके अलावा लाइब्रेरी में स्थानीय अखबार भी मुहैया कराए जाएंगे। जहां प्रतियोगी पुस्तकों से युवा अपनी परीक्षाओं की तैयारी करेंगे, वहीं अखबार से ग्रामीणों को दुनिया की जानकारी हासिल हाेगी। बीडीओ अरुण कुमार का कहना है कि गांवों में लाइब्रेरी खोली जाएंगी। जिनमें पुस्तकों और अखबारों को मुहैया कराया जाएगा। लाइब्रेरी गांवों में बने पंचायत सचिवालय या प्राथमिक विद्यालय में खोली जाएंगी। इसका खर्चा ब्लॉक द्वारा ही वहन किया जाएगा।
पांच गांवों में लाइब्रेरी का काम अंतिम चरण में
ब्लॉक क्षेत्र में 84 ग्राम पंचायत सहित 139 राजस्व ग्राम हैं। जिनमें रहने वाले युवक और युवतियां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए गजरौला, हसनपुर, अमरोहा, धनौरा में कमरा लेकर पढ़ाई करते हैं। मगर लाइब्रेरी खोली जाने की जानकारी होने से ग्रामीण युवा खासे उत्साहित हैं। फिलहाल गजरौला के सिहाली जागीर, सुल्तानपुर मौलवी, भीकनपुर शुमाली, दरियापुर बुजुर्ग और मोहरका पट्टी में लाइब्रेरी खोली जा रही है। बीडीओ ने बताया कि लाइब्रेरी का काम अंतिम चरण में है।