परिजनों को फोन पर मिली तबियत बिगड़ने की जानकारी
अंवितनगर मोहल्ला निवासी जसवंत सिंह के मुताबिक. उसने अपने 30 वर्षीय भाई बबलू उर्फ वीरेंद्र को शनिवार को आजाद नगर मोहल्ले में आस्था नशा मुक्ति और पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया। केंद्र संचालक ने दवाइयों के माध्यम से उसका नशा छुड़ाने की बात कही। इसके लिए हर महीने पांच हजार रुपये का खर्चा बताया। मंगलवार की सुबह केंद्र से फोन गया कि बबलू उर्फ वीरेंद्र की हालत खराब हो गई है। इस कारण उसे मुरादाबाद में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
शरीर पर मिले चोट के निशान
परिजन मुरादाबाद गए तो वह म़ृत मिला। उसके शव को गजरौला में नशा मुक्ति केंद्र पर ले आए। मृतक के शरीर पर चोट के निशान थे। जिससे लग रहा था कि उसकी पिटाई की गई होगी। नशा मुक्ति केंद्र संचालक पर पीट-पीट कर हत्या करने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। नशा मुक्ति केंद्र में तोड़फोड़ की गई। इस दौरान हंगामा भी किया। सूचना पाकर पुलिस कर्मी पहुंच गए। उनको समझाया। इसके बाद परिजन एकत्र होकर थाने गए। आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। पुलिस ने जसवंत सिंह की तहरीर पर नशा मुक्ति केंद्र संचालक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।