मामला कोतवाली डिडौली क्षेत्र के एक गांव का है। यहां रहने वाले एक व्यक्ति का जीजा पास के गांव में रहता है। साल भर पहले साले व उसके भाई ने जमीन बेची थी। जिसका काफी पैसा उनके पास था। दोनों भाइयों ने पैसे का बंटवारा भी कर लिया था। उसी दौरान उनका जीजा घर आया और छोटे साले से पैसे उधार मांगे। साले ने लगभग 10 लाख रूपए जीजा को उधार दिए।
जीजा ने जल्दी ही लौटाने का वादा किया था। साले को पैसों की जरूरत थी। लिहाजा वह जीजा से लगातार तकादा कर रहा था। चूंकि मामला बहन-बहनोई का था, ऐसे में युवक ने उन पर तो ज्यादा जोर नहीं दे पा रहा था। परेशान होकर उसने अपना जीवन खत्म करने का निर्णय कर लिया और रविवार रात उसने जहर खा लिया। साले की हालत नाजुक होने पर परिजन उसे लेकर निजी अस्पताल भी पहुंचे, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। परिजनों ने बगैर कार्रवाई मृतक को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया है। मामले की सूचना पुलिस को सूचना नहीं दी गई है। जिसके चलते कानूनी कार्रवाई नहीं हो सकी है।