मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वागत करती पालिका अध्यक्ष शशि जैन।
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अब हमारे गांवों का विकास होगा.. अब हमारा काम नहीं रुकेगा... अधिकारी हमारी वाजिब बात सुनेंगे... योजनाओं का लाभ लेने के लिए कोई पैसा नहीं देना होगा... अधिकारी हमारी शिकायतों को नजरअंदाज नहीं पाएंगे.. ये आत्मविश्वास सैदनगली के मेंहदीपुर गांव की रहने वाली छात्रा प्रियंका शर्मा के अंदर पैदा हुुआ है। सिर्फ प्रियंका ही नहीं बंसती, कृष्णा देवी सहित गांव के दूसरी महिलाओं में इस ऊर्जा का संचार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करा गए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जिले में बिताए करीब साढ़े बाइस घंटे के कई मायने हैं। ग्राम स्वराज सम्मेलन में किसानों के बिजली बिल का सरचार्ज माफ करने की घोषणा और जिले की चालीस करोड़ रुपये की विकास योजनाओं का लोकार्पण कर 2019 के लोकसभा चुनाव की जमीन तैयार की। अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करके जनता के बीच सख्त शासक होने का भी संदेश दिया। इन सबके बीच शिकवे शिकायत से भरी चौपाल में जनता के बीच अपनी अलग छाप छोड़ गए। लोगों में ये विश्वास पैदा कर गए कि अब उनके गांव का विकास होगा। गांव की तस्वीर बदलेगी। उन्हें योजनाओं का लाभ मिलेगा। कोई अधिकारी उनकी शिकायतों पर आंख मूंदकर नहीं बैठेगा।
वह ग्रामीणों में ये आत्मविश्वास भी जगा गए कि अफसर उनके लिए हैं, न कि जनता उनके लिए है। लोग यहां तक कह रहे कि लखनऊ बहुत दूर थोड़े ही ना है। फिलहाल योगी के दौरे का असर भी दिखने लगा है। सेहत महकमे सहित दूसरे विभागों के अफसरों ने गांवों में शिविर लगाकर योजनाओं का लाभ देने के लिए एक्शन प्लान तैयार कर लिया है। इसके इतर बिजली सरचार्ज की माफी, राशन की दुकानों से दोबारा चीनी बांटने की घोषणा कर लोगों को अपने से जोड़ गए।