जिला अस्पताल में फैली अव्यवस्थाओं के प्रति जवाबदेही से स्वास्थ्य प्रशासन भागता नजर आ रहा है। जिला अस्पताल में एक्सरे मशीन पिछले दस दिनों से खराब पड़ी है। रेडियोलॉजी विभाग ने इसकी सूचना बाकायदा पत्र लिखकर अधिकारियों को पहले ही दिन दे दी है। इसके बावजूद मशीन को ठीक नहीं कराया गया है। इसके चलते हर दिन 50 से 60 मरीजों को बाहर से एक्स रे कराना पड़ रहा है।
एक्सरे मशीन खराब होने की वजह से ट्रॉमा सेंटर सहित ओपीडी पर आने वाले 50 से 60 मरीज हर दिन बैरंग लौट रहे हैं। कुछ ऐसे भी हैं, जिन्हें मजबूरी मे बाहर से एक्सरे कराना पड़ रहा है। फिलहाल कम क्षमता वाली एक्सरे मशीन से रोजाना केवल दस से 12 एक्सरे ही हो पाते हैं। एक्सरे न होने पाने की वजह से ट्रॉमा सेंटर में आने वाले गंभीर मरीजों को भी लौटाना पड़ रहा है। उधर, जुलाई माह के अंत तक डिजीटल एक्सरे मशीन को चालू कराने के अधिकारियों के निर्देश के बाद भी मशीन अभी तक धूल फांक रही है।
मशीन की इंस्टालेशन के लिए तैयार किए जा रहे कमरे में अभी फर्श तक नहीं हो सका है। यही हालात रहे तो इस साल के अंत के मशीन चालू हो पाएगी। कुल मिलाकर जिला अस्पताल प्रशासन अपनी जवाबदेही को कायदे से पूरा करता दिखायी नहीं दे रहा है।