टेवा एपीआई कंपनी में ड्यूटी के दौरान मैकेनिकल फिटर कर्मी की संदिग्ध परिस्थितियों में हालत बिगड़ गई। मुरादाबाद अस्पताल ले जाते समय कर्मचारी ने दम तोड़ दिया। रविवार को परिजनों संग मैकेनिकल फिटर के अन्य कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर गैस से मौत का कारण बताते हुए पीड़ित परिवार को मुआवजे की मांग पर अड़ गए। पुलिस ने शव कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए भेज कर छानबीन शुरू कर दी है। वहीं कंपनी प्रबंधन का कहना है कि कर्मी बीमार थ्ाा, जिसके चलते उसकी मौत हो गई।
जनपद बरेली के हरदासपुर निवासी रविंद्र प्रताप सक्सेना (55) पुत्र ज्ञान प्रताप सक्सेना टेवा एपीआई कंपनी में मैकेनिकल फिटर में कार्य करता था। यहां वह बुधबाजार में परिवार के साथ किराये के मकान में रहता था। शनिवार को दोपहर दो बजे से रात 10 बजे की ड्यूटी थी। रात आठ बजे अचानक रविंद्र प्रताप की हालत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ा। कर्मचारी तत्काल उसे उठा कर कंपनी के अस्पताल में ले गए। जहां हालत गंभीर होने पर चिकित्सक ने रेफर कर दिया। मुरादाबाद के कोठीवाल मेडिकल कॉलेज में रविंद्र प्रताप को मृत घोषित कर दिया। शव वापस कंपनी में रख दिया गया।
मृतक की पत्नी बीना सक्सेना और बेटी सीमा रविवार की सुबह कंपनी पहुंची। गैस की चपेट में आने से मौत की आशंका जाहिर करते हुए कार्रवाई की मांग की। ड्यूटी पर आए मैकेनिकल फिटर के वर्कर भी गेट पर ही रुक गए। कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी के मौके पर न आने की वजह से नाराजगी जाहिर करते हुए कार्य बहिष्कार कर दिया। पीड़ित परिवार को मुआवजे की मांग की। उधर कंपनी के एचआर हेड एनके दुबे के अनुसार रविंद्र प्रताप बीमार चल रहा था। जिसके चलते उसकी हालत बिगड़ गई और मौत हो गई।