अमरोहा। ऑपरेशन से प्रसव कराने के तीसरे दिन महिला की हालत बिगड़ गई। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने गलत इंजेक्शन लगाने आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों और डाक्टरों में नोकझोंक हुई। परिजनों का कहना था कि इलाज में डॉक्टरों ने लापरवाही बरती है। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत किया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने की बात कही तो परिजनों ने इंकार कर दिया। बाद में परिजन शव घर लेकर चले गए।
अमरोहा देहात थानाक्षेत्र के गांव सिरसा जट निवासी बंटी पेशे से मजूदर है। उसकी पत्नी कंचन (22) गर्भवती थी। परिजनों ने तीन दिन पहले उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन से प्रसव कराया। कंचन ने एक बेटी को जन्म दिया। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ थे। शनिवार की रात करीब तीन बजे कंचन की अचानक हालत बिगड़ गई। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों को बुलाने की गुहार लगाई, लेकिन कोई नहीं पहुंचा। काफी मिन्नतें करने पर स्टाफ नर्स ने डॉक्टरों से फोन पर बात की। डॉक्टर के कहने पर उसने कोई इंजेक्शन लगा दिया। आरोप है कि इसके थोड़ी देर बाद कंचन की मौत हो गई। खबर मिलते ही परिजनों को गुस्सा भड़क गया। उन्होंने जमकर हंगामा किया। डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया। इस दौरान पुलिस और डॉक्टरों के बीच तीखी झड़प हुई। सूचना मिलते ही देहात थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई और बिगड़ते हालात को संभाला। पुलिस ने हंगामा कर रहे परिजनों को समझा-बुझाकर शांत किया। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के लिए शव को कब्जे में ले लिया। परिजनों ने स्पष्ट कह दिया कि पोस्टमार्टम करने वाले भी इनके लोग हैं। इस लिए वह पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते है। बाद में परिजन शव को लेकर घर चल गए। जहां शव का अंतिम संस्कार कर दिया है।
तीन दिन पहले ऑपरेशन से महिला की डिलीवरी हुई थी। शनिवार की रात में उसकी हालत बिगड़ गई। उसका उपचार भी किया गया लेकिन उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों की कोई लापरवाही नहीं है। - डॉ. राम निवास, सीएमएस, जिला अस्पताल