अमरोहा। पोस्टमार्टम के बाद गुरुवार आधी रात के बाद विवाहिता साइमा और उसके दोनों बच्चों के शव घर पहुंचे। शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद तीनों शव सुपुर्द कर दिए गए। मां, बेटी और बेटे का एक साथ जनाजा उठा तो चीख पुकार मच गई। आगे मां और पीछे-पीछे बच्चों को जनाजे देखकर हर आंख नम हो गईं। शव सुपुर्द-ए-खाक करते समय सुरक्षा के लिहाज से पुलिस तैनात रही। वहीं, दूसरे दिन भी सैंतली गांव में मातम छाया रहा।
गुरुवार को डिडौली कोतवाली क्षेत्र के गांव सैंतली गांव में विवाहिता साइमा और उसके बेटी नजमुल हुदा और बेटे हैदर अली का शव घर में मिला था। एक घर में तीन शव मिलने पर पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। आईजी रमित कुमार शर्मा, एसपी डॉ. विपिन ताडा और एएसपी अजय प्रताप सिंह गांव पहुंच गए। पांच घंटे की जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एडीएम की अनुमति मिलने के बाद देर रात शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद डेढ़ बजे पुलिस ने तीनों शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। आधी रात गांव में शवों के पहुंचते ही परिजनों में चीखपुकार मच गई। शुक्रवार की दोपहर जुमे की नमाज के बाद तीनों शवों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। जब घर के आंगन से तीन जनाने एक साथ उठे तो हर आंख नम हो गई। परिजनों को रो-रोकर बुरा हाल था। सबसे आगे मां और पीछे बेटी नजमुल हुदा और बेटे हैदर अली के जनाजे थे। इस दौरान भारी मात्रा में लोग ग्रामीण और रिश्तेदार शामिल हुए। तीनों शव सुपुर्द-ए-खाक होने तक पुलिस फोर्स तैनात रही।
मौत के बाद भी नहीं छूटा बहन-भाई का साथ
अमरोहा। वैसे तो साइमा की ढाई साल की बेटी नजमुल हुदा अपनी बुआ सलमा के घर डिडौली के पास मिठ्ठनपुर गांव में रहती थी। बीच-बीच में बुआ के साथ वह सैंतली आती थी। नजमुल दो दिन पहले ही डेढ़ वर्षीय छोटे भाई हैदर अली के पास आई थी। बहन भाई दोनों साथ-साथ खेलते थे। दोनों की लाश भी एक साथ ही मिली। मौत के बाद भी दोनों के शव चारपाई पर साथ रहे। यही नहीं दफन के लिए जाते समय भी दोनों साथ रहे। दोनों का शव एक ही जनाजे में रखा गया था। मौत के बाद भी मासूम-बहन भाई का साथ नहीं छूटा।