एसडीएम यशवर्धन श्रीवास्तव ने रविवार को क्षेत्र के थाना अध्यक्षों की एक बैठक ली, जिसमें बिना अनुमति धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों पर ध्वनि विस्तारक यंत्र के प्रयोग पर रोेक लगाने के निर्देश दिए। जिम्मेदार लोग 15 जनवरी तक अनुमति ले लें। वरना इसके बाद उनके विरुद्ध ध्वनि प्रदूषण के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम यशवर्धन श्रीवास्तव ने उच्च न्यायालय जनहित याचिका सिविल मोतीलाल यादव बनाम स्टेट ऑफ यूपी में पारित ध्वनि प्रदूषण के आदेश का हवाला दिया। कहा कि राजस्व पुलिस अधिकारियों की टीम बनाकर 10 जनवरी तक करना सुनिश्चित करें। पता लगाएं कि कितने धार्मिक स्थल, सार्वजनिक स्थलों पर ध्वनि विस्तारक यंत्र बिना अनुमति के प्रयोग में लाया जा रहा है। ऐसे सभी धार्मिक, सार्वजनिक स्थलों के प्रबंधकों को 15 जनवरी से अनुमति प्राप्त करने के लिए समय दिया गया है। 15 जनवरी तक अनुमति नहीं प्राप्त की जाती है तो उनके विरुद्ध ध्वनि प्रदूषण के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी।