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किसके सिर सजेगा प्रधानी का ताज, फैसला कल

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अमरोहा। गांव का प्रधान कौन बनेगा, यह फैसला दो मई को हो जाएगा। मतगणना के लिए प्रशासन शुक्रवार को तैयारियों में जुटा रहा। जिले में छह स्थानों पर वोटों की गिनती होगी। इसके लिए कुल 96 टेबल बनाए गए हैं। दरअसल जिले में 48 न्याय पंचायत हैं। प्रत्येक न्याय पंचायत में दो टेबल बनाए गए हैं। सबसे पहले ग्राम पंचायत सदस्य के वोटों की गिनती होगी। उसके बाद ग्राम प्रधान के वोट गिने जाएंगे। इसके बाद बीडीसी सदस्य और जिला पंचायत सदस्य के प्रत्याशियों के वोटों की गिनती की जाएगी। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहेंगे।
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जिले के छह ब्लॉकों में 597 ग्राम प्रधान, 683 बीडीसी सदस्य और 27 जिला पंचायत सदस्य पद के लिए चुनाव हुआ है। जिसमें एक ग्राम पंचायत में निर्विरोध निर्वाचन हुआ है। वहीं 44 बीडीसी सदस्य निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। इसके चलते 596 ग्राम प्रधान, 639 बीडीसी सदस्य और 27 जिला पंचायत सदस्य पद के लिए वोटों की गिनती होगी। दो मई को सुबह आठ बजे से वोटों की गिनती शुरू होगी।
दो पालियों में मतगणना कार्मिक काम करेंगे। पहली पाली सुबह आठ से रात आठ बजे तक रहेगी, उसके बाद दूसरी शिफ्ट रात आठ बजे से वोटों की गिनती पूर्ण होने तक चलेगी। पहले चक्र की मतगणना के बाद सैनिटाइजेशन होगा। इसके लिए शुक्रवार को अफसरों ने जिले के छह मतगणना स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। डीएम उमेश मिश्र ने एडीएम वित्त और राजस्व विनय कुमार सिंह से मतगणना की तैयारियों के बारे में चर्चा की। इसके बाद निर्वाचन अधिकारियों को मतगणना के नियम बताए गए।
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अभिकर्ता को दिखाएंगे मतपेटिका
राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश के अनुसार, मतपेटिका खोलने के दौरान निर्वाचन अधिकारी या सहायक निर्वाचन अधिकारी मतपेटिका के चिन्ह को जांच करेगा। उसके बाद मतपत्रों को गणना मेज पर निकाला जाएगा। मतगणना अभिकर्ता को दिखाया जाएगा कि बैलेट बॉक्स खाली हो गए हैं। ग्राम पंचायत में एक से अधिक मतपेटिका प्रयुक्त होने पर एक जगह ही रखी जाएंगी। इसके साथ मतपत्रों का लेखापत्र दिया जाएगा। प्रथम मतगणना मेज पर प्रथम मतपेटी और दूसरे पर दूसरी मतपेटी खोली जाएगी।
50-50 मतों की गड्डी बनाएंगे
ग्राम पंचायत सदस्य और ग्राम प्रधान के पदों पर वोटों की गिनती 50-50 मतों की गड्डी बनाकर की बनाई जाएगी। अंतिम गड्डी 50 से कम हो सकती है। ऐसे में स्लिप पर संख्या अंकित करनी होगी। ग्राम प्रधान के पक्ष में डाले गए मतपत्रों की अलग अलग गड्डियों की गणना प्रत्याशी वार की जाएगी। मतगणना पार्टी द्वारा बीडीसी सदस्य और जिला पंचायत सदस्य के लिए प्रयुक्त मतपेटी को खोला जाएगा। मतपत्रों को उलट कर उनके पीछे अंकित सुभेदक सील में वार्डों के क्रमांक देखकर प्रत्याशीवार छंटनी की जाएगी। यहां भी 50-50 की गणना की जाएगी। यदि एक मतदेय स्थल पर एक से अधिक ग्राम पंचायत सदस्य वार्ड का निर्वाचन हुआ है तो ऐसे मतदेय स्थलों की मतपेटी में प्राप्त मतपत्रों को उलट कर उनके पीछे अंकित सुभेदक सील में वार्डों के क्रमांक देख कर छंटनी की जाएगी।
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यह है मतपत्र निरस्त करने की वजह
सामने की ओर से कोई भी निशान नहीं लगा हो
भिन्न उपकरण या दूसरे तरीके से निशान लगा हो
दो या अधिक प्रत्याशी के सामने निशान लगे हों
कोई लेेख का निशान जिससे मतदाता की पहचान हो सकती है
मतपत्र इतना कटा फटा हो कि पहचान नहीं की जा सकती है
मतपत्र प्रमाणित नहीं हो सके कि नकली है
निशान चुनाव चिन्ह को विभाजित करने वाली रेखाओं के मध्य अंकित किया गया हो
स्रोत: राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देश पुस्तिका
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यह भी है जरूरी
- निर्वाचन अधिकारी और मतगणना अभिकर्ता को मास्क लगाना जरूरी है।
- एक प्रत्याशी और एक मतगणना अभिकर्ता उपस्थित रह सकते हैं।
- जिस पद की गणना पूरी हो जाए। उस पद से जुड़े लोगों को बाहर कर दिया जाए।
- अभिकर्ताओं के बैठने की जगह ऐसी रहे कि वह मतगणना की प्रक्रिया को आसानी से देेख सकें।
- मतगणना में नियुक्त स्टाफ को दस्ताने पहनना जरूरी है।
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